नागफनी के नवाबपुरा में छड़ियों वाले मैदान के पास बृहस्पतिवार दोपहर को एक घर में शार्ट सर्किट की वजह से बिजली का तार टूटकर पलंग पर बैठे चार लोगों पर गिर गया। इस हादसे में मासूम सहित परिवार के चार लोग झुलस गए। उनको उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर होने पर तीन लोगों को रेफर कर दिया गया है। घटना स्थल पर पहुंची पुलिस को मकान का ताला बंद मिला है।
नवाबपुरा में रहने वाले नरेंद्र मजदूरी करते हैं । परिजनों ने बताया कि मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में बृहस्पतिवार दोपहर को नरेंद्र की पत्नी प्रियंका, मां नंदो, बहन एकता बैठकर बातें कर रहे थे। पलंग पर नरेंद्र का बेटा अंश लेटा हुआ था। इस दौरान लाइट तेज होते ही कमरे में बिजली के तार में शार्ट सर्किट होकर बेड पर गिर गया। इस वजह से चादर में आग लग गई। अंश बुरी तरह झुलस गया। तार को हटाने के चक्कर में नंदो और प्रियंका भी करेंट से झुलस गए। प्रियंका ने बताया कि उसने तीनों को कमरे से बाहर निकाला, इस दौरान उसके भी हाथ झुलस गए। चीख पुकार की आवाज सुनकर पहुंचे आस पड़ोस के लोगों ने चारों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां प्रियंका को भर्ती कर लिया गया है। अन्य तीन लोगों को उपचार के लिए रेफर कर दिया गया है। एसएचओ नागफनी नरेश कुमार ने बताया कि हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। जिस कमरे में आग लगना बताया गया है, उसका ताला बंद था। परिवार वाले झुलसे हुए लोगों का उपचार कराने के लिए गए हैं। अंश, नंदो और प्रियंका की हालत गंभीर बनी हुई है।
अस्पताल में आधे घंटे तक गूंजती रही झुलसे हुए लोगों की चीखें
मुरादाबाद। अस्पताल में जब झुलसे हुए लोगों को उपचार के लिए लाया गया तो भीड़ जमा हो गई। करीब आधे घंटे तक अस्पताल में चीखें मचती रही। मौके पर पहुंचे नरेंद्र ने परिवार के लोगों को झुलसा देखा तो उसका रोकर बुरा हाल था। अस्पताल में उपचार के लिए बेहतर प्रबंध न होने की बात कह वह परिवार के लोगों को उपचार के लिए ले गए हैं।
अस्पताल की गुल थी बिजली, करना पड़ा हाथ से पंखा
मुरादाबाद। हादसे के बाद जब झुलसे हुए लोगों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया तो अस्पताल में लाइट नहीं आ रही थी। पंखे बंद थे, गर्मी के कारण झुलसे हुए लोग और भी बेहाल हो गए। परिवार वालों ने हाथ से पंखा की, जिससे की उनको हवा मिल सके और थोड़ी राहत महसूस करें। 15 मिनट तक वह लोग गर्मी से परेशान रहे।