एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रीति जायसवाल की अध्यक्षता वाली कमेटी ने बेसिक शिक्षकों की भर्ती में हुए घोटाले की जांच शुरू कर दी है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट में 41 शिक्षकों की नियुक्ति को अवैध मानते हुए उनकी पत्रावली सील कर दी गई थीं। शासन के आदेश पर डीएम ने नए सिरे से मामले की जांच के लिए एडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। कमेटी की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
डीएम राकेश कुमार सिंह ने शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के लिए एडीएम वित्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। कमेटी में एडी बेसिक संजय रस्तोगी और एसपी सिटी अंकित मित्तल भी शामिल हैं। एडीएम वित्त प्रीति जायसवाल ने बताया कि संबंधित शिक्षकों की पत्रावली और पुरानी जांच रिपोर्ट उन्हें मिल गई है। सभी पत्रावलियों का अध्ययन करने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। जरूरत के हिसाब से शिक्षकों व संबंधित अधिकारियों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जाएगा।
इससे पहले एसडीएम शैलेेंद्र सिंह ने शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच की थी। अपने स्थानांतरण से 24 घंटे पहले डीएम को सौंपी रिपोर्ट में पूर्व एसडीएम ने जिले में तैनात 41 शिक्षकों की नियुक्ति को फर्जी पाया था। इस रिपोर्ट के बाद संबंधित शिक्षकाें ने डीएम को ज्ञापन देकर नए सिरे से उनका पक्ष सुनने का अनुरोध किया था। शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच से शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है। घोटाले में शिक्षा विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर हो रही है। प्रदेश में मथुरा समेत कई अन्य जिलों में शिक्षक भर्ती घोटाले में बड़ी कार्रवाई हो चुकी हैं। जिले में भी 41 शिक्षकों की अवैध नियुक्ति पर जल्द कोई बड़ा एक्शन हो सकता है।