114 परिवीक्षाधीन लेखपालों को बर्खास्तगी का नोटिस जारी होने के बाद हड़ताली लेखपालों के तेवर कुछ नरम पड़े हैं। प्रशासन ने दावा किया है कि सदर तहसील में सभी नए लेखपाल काम पर लौट आए हैं। काम पर आने वाले लेखपालों की संख्या 33 बताई जा रही है। जिले की बाकी तहसीलों में भी परिवीक्षाधीन लेखपाल शुक्रवार को काम पर लौट आएंगे। प्रशासन के इस दावे को लेखपाल संघ ने झूठा बताते हुए कहा है कि लेखपाल एकजुट हैं। सभी लेखपाल हड़ताल पर हैं, कोई काम पर नहीं लौटा है।
आठ मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तीन जुलाई से हड़ताल पर है। लेखपालों ने सभी सरकारी कार्यों का बहिष्कार कर रखा है। इसकी वजह से छात्र - छात्राएं आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों के लिए भटक रहे हैं। बुधवार को जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए जिले की चारों तहसीलों में तैनात परिवीक्षाधीन 114 लेखपालों को बर्खास्तगी का नोटिस जारी कराया था। गुरुवार सुबह से ही इसका असर दिखाई दिया। बर्खास्तगी का नोटिस मिलने से घबराए नए लेखपालों ने अफसरों से संपर्क साधा और काम पर लौटने की पेशकश की। हालांकि शाम तक जिले की किसी भी तहसील में प्रमाण पत्र बनने का काम शुरू नहीं हुआ था। कोई अन्य काम भी लेखपालों ने नहीं किया। नए लेखपाल संगठन और अफसरों के दबाव के बीच फंसे हैं। वह संगठन से नाराजगी भी मोल नहीं लेना चाहते और नौकरी पर लटकी तलवार को भी हटाना चाहते हैं। सबसे पहले सदर तहसील के 33 लेखपालों ने हथियार डाले। शाम तक इन्हाेंने काम करने का मन बना लिया था।
गुरुवार को हड़ताली लेखपालों को एडीएम प्रशासन लक्ष्मी शंकर सिंह ने अपने कार्यालय में बुलाकर उनसे हड़ताल खत्म करने को कहा। एडीएम ने बताया कि लेखपालों ने इस पर विचार करने की बात कही है। शुक्रवार को वह फिर से वार्ता करने आएंगे। यदि लेखपाल काम पर नहीं लौटते हैं तो उनके खिलाफ शासन के निर्देशों के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
33 लेखपाल काम पर लौटे: डीएम
मुरादाबाद।
डीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सदर तहसील के 33 लेखपाल काम पर लौट आए हैं। बाकी तहसीलों में भी शुक्रवार तक काम शुरू हो जाएगा। उन्हाेंने कहा कि जो लेखपाल काम पर नहीं लौटेंगे उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा।
लेखपाल एकजुट, कोई काम पर नहीं लौटा: राठी
मुरादाबाद।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठी का कहना है कि प्रशासन नए- पुराने का फर्क करके लेखपालों में फूट डालने की कोशिश कर रहा है। यदि हड़ताल की वजह से बर्खास्तगी का नोटिस दिया गया है तो हड़ताल पर बैठे सभी लेखपालों को दिया जाना चाहिए। उन्हाेंने कहा कि प्रशासन फूट डालो की नीति पर काम कर रहा है, लेकिन लेखपाल एकजुट हैं। लेखपालों के काम पर लौटने का दावा झूठा है। सभी लेखपाल हड़ताल पर हैं। प्रशासन जेल में डाल देगा तब भी हड़ताल खत्म नहीं होगी। जिलाध्यक्ष ने कहा कि एडीएम प्रशासन ने हड़ताल खत्म करने की अपील की है। प्रदेश नेतृत्व से वार्ता करेंगे। प्रदेश नेतृत्व का जो भी निर्णय होगा, उसी के अनुरूप फैसला लिया जाएगा।