मथुरा में शिक्षक भर्ती घोटाले में कार्रवाई के बाद मुरादाबाद जिले में भी बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती एवं पदोन्नति घोटाले की जांच शुरू हो गई है। ठाकुरद्वारा के एसडीएम को जांच अधिकारी नामित किया गया है। ठाकुरद्वारा एसडीएम ने शनिवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। इससे शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं शिक्षकों में हड़कंप मचा है।
वर्ष 2015 और 2016 में प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग में करीब 15 हजार शिक्षकों की भर्तियां हुईं थीं। मथुरा और मुरादाबाद समेत कई जिलों में शिक्षकों की भर्ती को लेकर अनियमितताएं उजागर हुई। शिक्षक भर्ती और शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर मुरादाबाद के तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी सुर्खियों में रहे। शासन तक मामला पहुंचने पर तत्कालीन बीएसए मुन्ने अली को हटाया गया। प्रारंभिक जांच में शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर मुन्ने अली को करीब डेढ़ महीने पूर्व ही निलंबित कर मुख्यालय से अटैच किया गया है। मुन्ने अली बदायूं में जिला विद्यालय निरीक्षक के पद पर तैनात थे। मुरादाबाद में मुन्ने अली की वर्ष 2012 से तैनाती थी और उनका कार्यकाल विवादित रहा था।
मथुरा जिले में शिक्षक भर्ती घोटाले के खुलासे के बाद शासन ने मुरादाबाद जिले के शिक्षक भर्ती और पदोन्नति घोटाले की भी जांच के आदेश दे दिए हैं। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने ठाकुरद्वारा के एसडीएम शैलेंद्र कुमार को जांच अधिकारी नामित किया है। एसडीएम शैलेंद्र कुमार ने शनिवार से जांच शुरू कर दी है। एसडीएम सुबह साढ़े दस बजे अचानक बीएसए कार्यालय पहुंचे। कर्मचारी हक्का-बक्का रह गए। एसडीएम ने वर्ष 2015 और 2016 में शिक्षक भर्ती और पदोन्नति संबंधी रिकार्ड तलब किया। पूरे दिन फाइलों की जांच की गई। सूत्रों के मुताबिक जांच में कई गड़बड़ियां मिली हैं। हालांकि, एसडीएम की ओर से इनकी पुष्टि नहीं की गई। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। डीएम के माध्यम से रिपोर्ट शासन को जाएगी।