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मुलाकाती बनकर जेल से भाग गया बंदी, दो निलंबित

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रात को गिनती के वक्त पता चला तो मचा हड़कंप
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मुरादाबाद।
जेल प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर एक बंदी मंगलवार को मुलाकाती बनकर जिला जेल से भाग गया। पूरा दिन जेल अधिकारियों को बंदी की फरारी की भनक तक नहीं लगी। रात को बैरकें बंद करते समय जब बंदियों की गिनती हुई तो एक बंदी कम था। इससे जेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। देर रात तक बंदी की तलाश में जेल की टीमें चंदौसी में उसके घर व अन्य ठिकानों पर गुपचुप ढंग से छापामारी कर रही थीं। बंदी के नहीं मिलने पर आधी रात जिला प्रशासन को मामले की सूचना दी गई। देर रात वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बंदी की फरार में दो बंदी रक्षक प्रदीप उपाध्याय और राजीव कुमार को निलंबित कर दिया है।
जेल सूत्राें का कहना है कि मंगलवार दोपहर बंदियाें से मुलाकात करने आए प्रथम पारी के लोगों को जेल से बाहर निकाला गया तो उनके साथ बंदी मोहित भी मुलाकाती बनकर जेल से निकल गया। जेल प्रशासन बंदी की फरारी से पूरी तरह बेखबर रहा। रात को खाने के बाद जब बंदियों की गिनती की बारी आई तो एक बंदी कम निकला। इसके बाद जेल ग्राउंड पर सभी बंदियों को बाहर निकालकर उनकी एक साथ गिनती की गई। तीन बार गिनने पर भी बंदी पूरे नहीं हुए तो रिकार्ड में नाम से बंदियों को मिलान किया गया। चंदौसी का बंदी मोहित गायब मिला। इससे अफसरों के हाथ पैर फूल गए और उन्हाेंने सीसीटीवी कैमरे खंगाले। गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में मोहित दोपहर में जेल से बाहर जाता दिखा। उसने जेल गेट पर तैनात बंदी रक्षक प्रदीप उपाध्याय को अपने हाथ पर लगी मुलाकाती की मोहर भी दिखाई।
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फुटेज में बंदी की फरारी की पुष्टि होने के बाद जेल अधिकारियों ने चंदौसी में उसके घर छापा। जेल अधिकारियों ने मामले को छुपाकर गुपचुप आधी रात तक उसकी तलाश की। लेकिन जब बंदी हाथ नहीं लगा तो रात में करीब बारह बजे डीएम और एसएसपी को बंदी की फरारी के बारे में बताया। देर रात वरिष्ठ जेल अधीक्षक एमएचएस रिजवी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जिसमें गेट नंबर एक पर प्रदीप उपाध्याय और गेट नंबर दो पर तैनात राजीव कुमार की लापरवाही सामने आई है। दोनों के सामने से बंदी फरार हुआ। लेकिन उन्होंने बंदी को चेक तक नहीं किया। दोनों को निलंबित कर दिया गया है। जबकि सिविल लाइंस थाने में इस मामले में बंदी के खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया है।
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