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राजनीति की भेंट चढ़े अरबों रुपये

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राजनीति की भेंट चढ़े करोड़ों के राशन कार्ड, स्कूल बैग और समाजवादी नमक
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सब हेड
गुजरात की कंपनी ने भेजा हर्बल नमक, गोदाम में पड़े हैं समाजवादी नमक के हजारों पैकेट और अखिलेश यादव की फोटो लगे राशन कार्ड
प्वाइंटर
निचले तबके को लुभाने के लिए सपा ने की थी कवायद
प्रदेश में सरकार बदलने के बाद लग गया वितरण पर ब्रेक
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। समाजवादी नमक, अखिलेश यादव के फोटो लगे स्कूल बैग और राशन कार्ड पर खर्च हुए करोड़ों रुपये प्रदेश में सरकार बदलते ही राजनीति की भेंट चढ़ गए। अब हालात ये हैं कि सपा सरकार में राशन की दुकानों पर बिकने के लिए पहुंचा समाजवादी नमक गोदामों में सड़ रहा है और गुजरात की कंपनी का नमक राशन की दुकानों पर भेज दिया है। इसी तरह राशन कार्ड रद्दी हो गए। अब स्थानीय स्तर पर ही राशन कार्ड तैयार कर बांटे जा रहे हैं। इसी तरह अखिलेश यादव के फोटो लगे स्कूल बैग को बांटने की हिम्मत अधिकारी नहीं जुटा पा रहे हैं।
मिशन 2017 यानी उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को देखते हुए अखिलेश यादव की सपा सरकार ने आनन-फानन में स्कूल बैग, राशन कार्ड और समाजवादी नमक का वितरण शुरू कराया। निश्चित रूप से ये सब निचले तबके को लुभाने के लिए ही था। स्कूल बैग और राशन कार्ड पर अखिलेश यादव के फोटो लगे थे। नमक को समाजवादी नाम दिया गया। सार्वजनिक रूप से कार्यक्रम आयोजित करके इनका वितरण कराया गया, जिससे अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी का प्रचार हो सके।
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चुनाव में इनके वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया गया। भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत से जीत गई और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने। करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार किए गए स्कूल बैग, समाजवादी नमक और राशन कार्ड गोदामों में ही रखे रहे। शुरू में योगी सरकार ने कहा कि इन पर खर्च हुआ धन जनता का है इसलिए इनके वितरण को नहीं रोका जाएगा, लेकिन अधिकारी इनका वितरण करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। इसी दौरान आदेश आया कि राशन कार्ड नहीं बांटे जाएंगे और स्थानीय स्तर पर ही कार्ड तैयार कर बांटना शुरू हो गया। सपा सरकार के राशन कार्ड रद्दी हो गए। बताया जाता है कि एक कार्ड करीब तीन रुपये में तैयार हुआ था। अगर मुरादाबाद की बात करें तो पांच लाख राशन कार्ड हैं। इस तरह करीब पंद्रह लाख रुपये के कार्ड और इनके ढोने का खर्च अलग। प्रदेश में यह रकम करोड़ों में होगी।
समाजवादी नमक प्रदेशभर में बडे़-बड़े कार्यक्रम आयोजित करके बांटा गया। आयोजनों में कुछ लोगों को ही नमक मिला। बाकी नमक राशन की दुकानों पर भेज दिया या गोदामों में रखवा दिया। सरकार बदलते ही नमक का वितरण रुक गया। अब गुजरात की कंपनी ने राशन की दुकानों पर अपना नमक भेजा है। बताया जाता है कि प्रदेशभर में यह नमक बेचा जा रहा है। निश्चित ही सरकार की सहमति से ही यह नमक राशन की दुकानों पर बेचा जा रहा है, क्योंकि नियम के अनुसार राशन की दुकान पर बिना शासन की अनुमति के कुछ भी नहीं बेचा जा सकता।

बयान
समाजवादी नमक और राशन कार्ड गोदामों में सुरक्षित रखे हैं। इनके निस्तारण के लिए शासन के आदेश का इंतजार है। अब गुजरात की कंपनी का हर्बल नमक राशन की दुकानों पर दिया जा रहा है। राशन कार्ड स्थानीय स्तर पर तैयार करके दिए जा रहे हैं। हालांकि अभी राशन कार्डों की जांच भी चल रही है।
- संजीव कुमार, डीएसओ मुरादाबाद


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राशन की दुकानों पर महंगे दामों पर बिक रहा हर्बल नमक
मुरादाबाद। समाजवादी नमक का वितरण रुकने के बाद हर्बल नमक दुकानों पर भेजा जा रहा है। समाजवादी नमक की कीमत तीन रुपये और छह रुपये थी, लेकिन हर्बल नमक की कीमत करीब 15 रुपये है। बताया जाता है कि हर्बल नमक सरकारी गोदाम से नहीं भेजा जा रहा। प्राइवेट कंपनी ही सप्लाई कर रही है, लेकिन इसकी जानकारी अधिकारियों को है। इसी तरह क्रोन नाम का साबुन भी राशन की दुकानों पर बेचा जा रहा है, जिसकी कीमत 12 रुपये है। यह साबुन भी प्राइवेट कंपनी का है, जो पिछले महीनों में सरकारी गोदाम से भी राशन डीलरों को दिया गया।
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बेसिक स्कूलों में न ड्रेस बंटी न बैग
मुरादाबाद। बेसिक स्कूलों के बच्चे जुलाई से किस तैयारी से पढ़ने जाएंगे इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अभी तक न ड्रेस बांटी गई है और न ही बैग। बड़ी संख्या में बच्चे ऐसे भी हैं जिनके पास किताबें भी नहीं है। विभाग भी इस ओर आंखें मूंदे बैठा है। गौर हो कि इस सत्र से प्रदेश सरकार ने स्कूलों की ड्रेस बदली है और अखिलेश यादव के फोटो लगे बैग का वितरण रोक दिया गया है।





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