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... ये प्रधानमंत्री वाली भीड़ तो नहीं है

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मुरादाबाद। ये बात 1991 के लोकसभा चुनावों की है। पूरे देश में राम मंदिर का मुद्दा गरमाया हुआ था। उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बीपी सिंघल मुरादाबाद से भाजपा के प्रत्याशी थे। अटल जी उनके समर्थन में एक जनसभा को संबोधित करने आए थे। जनसभा कंपनी बाग में होनी थी। जनसभा से पहले अटल जी को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में ठहराया गया था। उस समय के भाजपा के महानगर महामंत्री सतीश नरूला गेस्ट हाउस में अटल जी से मिलने पहुंचे थे।
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नरूला बताते हैं कि अटल जी का स्वास्थ्य उस समय कुछ ठीक नहीं था। जब वह कमरे में पहुंचे तो अटल जी दवा खाने जा रहे थे। उनके एक हाथ में दवा की गोली और दूसरे हाथ में पानी का गिलास था। नरूला को देखते ही उन्होंने पूछा, चलें। इस पर नरूला ने जवाब दिया कि आप अभी दवा खाकर 10-15 मिनट आराम कर लें। इस पर हंसते हुए अटल बिहारी वाजपेयी ने चुटकी ली कि, क्यों भीड़ कम है क्या। नरूला ने कहा कि नहीं भीड़ तो प्रधानमंत्री वाली है। इसके थोड़ी देर बाद जब अटल जी कंपनी बाग में जनसभा स्थल पर पहुंचे तो मंच की सीढ़ियां चढ़ते हुए चारों तरफ देखकर हंसकर कहा कि प्रधानमंत्री वाली भीड़ तो नहीं है। इस पर भाजपाइयों ने भी मुस्कराकर जवाब दिया कि प्रधानमंत्री की जनसभा में तो आधी पुलिस होती है। यहां तो सिर्फ पब्लिक है। अटल जी का मुरादाबाद से गहरा रिश्ता था। जनसंघ के समय से वह मुरादाबाद में जनसभाएं करते रहे थे। 1991 में हालांकि भाजपा प्रत्याशी बीपी सिंघल हार गए थे। उन्हें 187761 वोट मिले थे। उन्हें जनता दल के गुलाम मोहम्मद ने शिकस्त दी थी।
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