ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स कंफडरेशन, यूनाइटेड फोरम बैंक यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार को सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों की हड़ताल रही। बैंकों पर ताले लटके रहे। वहीं हड़ताली बैंक कर्मियों ने एसबीआई मुख्य ब्रांच के बाहर धरना एवं प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने 10 सूत्रीय मांगों के समर्थन में 24 दिसंबर को प्रदर्शन एवं 26 दिसंबर को एक दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना चुके हैं।
हड़ताली बैंक कर्मचारी सुबह साढ़े 10 बजे सिविल लाइन स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य ब्रांच के बाहर एकत्र हुए। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मियों की मांगों की अनदेखी हो रही है। मांगों के समर्थन में कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं। कर्मियों को मजबूरन बैंकों में तालाबंदी कर हड़ताल पर उतरना पड़ा है। एनके राजवंशी ने कहा कि वेतन रिवीजन स्केल लागू किया जाए और वेतन समझौता चार्टर्ड डिमांड के अनुसार किया जाए। उन्होंने कहा कि सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग लागू की जाए। जेपी सरन ने कहा कि पारिवारिक पेंशन रिवीजन और पुरानी पेंशन की बहाली की जाए।
एनएन टंडन ने थर्ड पार्टी प्रोडक्ट की मिस सोलिंग बंद करने की मांग उठाई। जगदीश सिंह ने आईडीबीआई समेत अन्य बैंकों के लंबित मुद्दों को तत्काल निस्तारित करने की मांग उठाई। संजय रस्तौगी ने आरआरबी एवं पब्लिक सेक्टर बैंकों में पेंशन एवं अन्य सुविधाओं में समानता की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लंबित मांगों के समर्थन में बैंक कर्मी 24 दिसंबर को शाम पांच बजे बाद प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी सरकार स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई तो 26 दिसंबर को एक दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे। 26 दिसंबर को इलाहाबाद बैंक की मुख्य शाखा के बाहर एकत्र होकर धरना एवं प्रदर्शन करेंगे। शुक्रवार के धरना एवं प्रदर्शन के दौरान मनोज शर्मा, नवनीत कुमार, सुभाष वार्ष्णेय, यशपाल सिंह, सुरभि शर्मा, केशव, अरुण, अनुरोध और अश्वनी कुमार समेत दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।
40 करोड़ का कारोबार बाधित
मुरादाबाद। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हड़ताल से मुरादाबाद शहर में करीब 40 करोड़ का कारोबार पर असर पड़ा। हालांकि, सार्वजनिक बैंकों के एटीएम और निजी बैंक खुले रहने से ग्राहकों को बड़ी राहत मिली। यूनाइटेड फोरम बैंक यूनियन के संजय रस्तौगी ने बताया कि शहर में सार्वजनिक बैंकों की 40 से अधिक ब्रांचें हैं। शुक्रवार को सभी ब्रांचों में ताले लटके रहे। कर्मचारियों की हड़ताल से करीब 40 करोड़ का लेनदेन कारोबार पर असर पड़ा है।