लगातार एक हफ्ते से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को शनिवार को भी मायूसी मिली। सुबह में हो रहे बादल दोपहर में पश्चिमी हवा चलने से छंट गए। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ने से ऐसा हो रहा है। इससे धान की रोपाई की तैयारी कर रहे किसान प्रभावित होंगे।
दस जून को बारिश होने के बाद लोग गर्मी से निजात के लिए प्री मानसून बारिश का इंतजार कर रहे थे। मौसम विभाग की ओर से 15 और 16 जून को बारिश की संभावना व्यक्त की गई थी। हालांकि वातावरण में लगातार बढ़ रही उमस शनिवार शाम को कम हो गई। इसके बावजूद गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया। पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि प्री मानसून बारिश से खेतों में धान की रोपाई का काम शुरू हो जाता, लेकिन अब पौध तैयार करने के लिए भी प्रतिदिन सिंचाई की जरूरत होगी। साथ ही टमाटर, मिर्च आदि की फसल पर स्प्रे करने वाले किसानों में भी असमंजस है, क्योंकि स्प्रे के बाद बारिश हो जाएगी तो फिर दवा का असर कम हो जाएगा। पश्चिमी हवाएं तेज होने से मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं, जिसकी वजह से बारिश में देरी हो रही है। रविवार को बादल छाए रहने के अलावा कहीं-कहीं मध्यम बारिश के आसार बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि मानसून से पहले किसानों को अपने पशुओं का टीकाकरण करवा लेना चाहिए, जिससे बारिश की वजह से होने वाली बीमारियों की रोकथाम हो सके।
राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी निसार अहमद ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। सुबह की आर्द्रता 73 फीसदी थी, जो दिन में 15 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से पश्चिमी हवाएं चलने की वजह से शाम को 54 फीसदी रह गई।