क्षेत्र में बुधवार शाम आए 20 मिनट के अंधड़ ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया। तेज आंधी के साथ धूल उड़ने से वाहनों के पहिए थम गए। अंधेरा छाने से लोग जहां-तहां छिप गए। आंधी में कई जगह पेड़ गिर गए और टिन शेड उड़ गए। कई जगह होर्डिंग भी उड़ गए। महानगर के कई क्षेत्रों में बिजली सप्लाई ठप हो गई।
बुधवार को न्यूनतम तापमान 23 डिग्री और अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर की तेज गर्मी के बाद शाम सवा चार बजे से अचानक तेज आंधी शुरू हो गई। करीब बीस मिनट तक तेज धूलभरी आंधी चली। इससे अंधेरा छा गया। हाईवे पर वाहनों के पहिए थम गए। लोगों ने धूल और तेज हवा से बचने के लिए मकानों और पेड़ों का सहारा लिया। आंधी में हवा की तीव्रता 45 किमी प्रति घंटा रही। इससे पीली कोठी के पास, कचहरी रोड, सिविल लाइन, दयानंद रोड, कचहरी रोड और बुद्धि विहार सहित कई क्षेत्रों में पेड़ उखड़ गए। पेड़ों के बिजली की लाइन पर गिरने से महानगर में कई क्षेत्रों में बिजली सप्लाई प्रभावित रही। इसके साथ ही दुकानों के सामने पड़े टिन शेड उड़ गए। टिन शेड उड़ने से बड़ा हादसा हो सकता था। इसके बाद हल्की बारिश आने के बाद आंधी धीमी पड़ी। जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि आंधी से आम की फसल को 10 फीसदी नुकसान हुआ है। दशहरी का आम मोटा होने की वजह से ज्यादा नुकसान का सामना करना पड़ा है।
पश्चिमी विक्षोभ के चलते यह अंधड़ आया था। मई जून में चार आंधी आने का पूर्वानुमान है। जिस साल दिसंबर-जनवरी में बारिश नहीं होती है, विक्षोभ का सामना करना पड़ता है। एक-दो दिन में छिटपुट क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।
- डा. विवेकराज सिंह, मौसम वैज्ञानिक।