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चीनी मिलों को 15 फरवरी तक करना होगा बकाया भुगतान

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मुरादाबाद।
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किसानों के गन्ना बकाया भुगतान समेत अन्य मांगों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के आह्वान पर सैकड़ों किसानों ने सोमवार को मंडलायुक्त कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में मंडल के सभी चीनी मिल प्रतिनिधियों एवं गन्ना अधिकारियों के साथ भाकियू नेताओं की सामूहिक वार्ता हुई। मंडलायुक्त ने मिल प्रतिनिधियों को 15 फरवरी तक हरहाल में बकाया भुगतान के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित तिथि तक भुगतान नहीं होने पर मिल मालिकों पर कार्यवाही की जाएगी।
गन्ना के बकाया भुगतान, जंगली एवं आवारा जानवरों के आतंक, बिजली की अघोषित कटौती, किसानों के बिजली कनेक्शन काटने समेत कई मुद्दों को लेकर किसान लंबे समय से आंदोलित हैं। 25 जनवरी को सैकड़ों किसान पीलीकोठी चौराहा पर कब्जा कर चुके हैं। भाकियू के पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सैकड़ों किसान सोमवार दोपहर एक बजे आंबेडकर पार्क में एकत्र हुए। किसानों ने बकाया भुगतान के लिए आरपार की लड़ाई का आह्वान किया। भाकियू नेताओं ने मंडलायुक्त यशवंत राव से मंडल के सभी गन्ना अधिकारियों एवं चीनी मिल प्रबंधकों को सामूहिक वार्ता में बुलाने की मांग की। करीब दोपहर तीन बजे अधिकतर जिलों के अधिकारी एवं चीनी मिल प्रतिनिधियों के मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचने के बाद किसान जुलूस की शक्ल में आंबेडकर पार्क से मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे।
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किसान नेता गौरव टिकैत और महासचिव विजय पाल सिंह के नेतृत्व में मंडलायुक्त कार्यालय पर नारेबाजी कर किसान धरने पर बैठ गए। जिलाध्यक्षों एवं मंडल पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल मंडलायुक्त की अध्यक्षता में बैठक में शामिल हुआ। बैठक में भाकियू पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याएं रखीं और बाहर धरना चलता रहा। करीब सात बजे तक वार्ता एवं धरना चला। मंडल महासचिव नीरज चौधरी ने बताया कि बैठक में करीब 20 मिलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मंडलायुक्त ने मिल प्रतिनिधियों को 15 फरवरी तक बकाया भुगतान करने के आदेश दिए। मंडल की चार डिफाल्टर मिलों के पिछले साल के बकाया भुगतान नहीं करने पर मिल मालिकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की चेतावनी दी।
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बैठक में अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। किसानों ने कहा कि जंगली और आवारा जानवर किसानों के लिए मुसीबत बने हैं। खेतीबाड़ी के साथ किसानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों ने कहा कि बिजली विभाग किसानों का शोषण कर रहा है। ग्रामीण इलाकों में पांच घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। बकाये के नाम पर कनेक्शन काटे जा रहे हैं। यूरिया के संकट और चकबंदी की समस्या भी उठी। मंडलायुक्त ने मंडलीय विभागीय अधिकारियों के साथ जल्द बैठक कर इसका समाधान करने का आश्वासन दिया। बैठक में शामिल किसान प्रतिनिधियों ने धरने पर बैठे किसानों को वार्ता की जानकारी दी। 15 फरवरी तक गन्ना बकाया भुगतान की डेट लाइन से किसान धरने से उठ गए। इस दौरान महेंद्र सिंह रंधावा, डा. नौ सिंह, गौरव तोमर, दिगंबर, धनवीर सिंह बालियान समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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