जिले में आयोजित की गई यूपी की पहली ओडीओपी समिट फ्लाप साबित हुई। समिट दो दिन चलनी थी लेकिन पहले दिन ही अफसर खाली कुर्सियों को देख मन मसोसते रहे। उद्यमियों ने समिट में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। जो थोड़े - बहुत उद्यमी प्रशासन के अनुरोध पर पहुंचे थे वो भी शनिवार को मंत्री का भाषण खत्म होते ही खिसक लिए। आठ जिलों के लाभार्थियों को जोड़कर भी पहले दिन आयोजन स्थल पर कुर्सियां खाली पड़ी थीं। शनिवार को मंत्री के जाते ही उद्यमियों ने स्टॉल्स समेट लिए। समिट के दूसरे दिन रविवार को दिन निकलते - निकलते पंडाल भी उखड़ने लगे थे। हालांकि अफसरों ने दावा किया है कि दूसरे दिन बायर - सेलर मीट हुई और उद्यमियों को तकनीकि ज्ञान दिया गया।
एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) समिट के लिए मुरादाबाद में पिछले काफी दिनों से जोरशोर से तैयारियां चल रही थीं। समिट में मुख्यमंत्री के आने की उम्मीद थी इसलिए आयोजन की तैयारियां भव्य की गई थीं। ऐन वक्त पर पता चला कि मुख्यमंत्री नहीं एमएसएमई मंत्री सत्यदेव पचौरी समिट का उद्घाटन करेंगे। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मंत्री ने समिट का शुभारंभ किया। अफसरों की काफी कोशिश के बावजूद उम्मीद के मुताबिक उद्यमी समिट में नहीं पहुंचे। कानपुर देहात, मथुरा, अलीगढ़, शामली, गाजियाबाद समेत प्रदेश के आठ जिलों से आए लाभार्थियों को 1230 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए। पंडाल का बड़ा हिस्सा बैंकर्स और सरकारी कर्मचारियों से भरा था। लाभार्थियों ने चेक लिया और मंत्री का भाषण सुनते ही निकल गए। बड़े पंडाल के बगल में आठों जिलों के ओडीओपी उत्पादों के स्टॉल्स लगाए गए थे। यह स्टॉल्स शनिवार को मंत्री के जाते ही उजड़ गए। बाहर के जिलों से आए उद्यमी ही नहीं बल्कि मुरादाबाद के उद्यमियों ने भी शनिवार को ही स्टॉल्स समेट लिए। रविवार को समिट के दूसरे दिन बायर - सेलर मीट का आयोजन प्रस्तावित था। उद्यमियों को शेयर मार्केट से लेकर दूसरी तकनीकि जानकारियों के लिए भी सत्र प्रस्तावित था। लेकिन रविवार सुबह तक समिट पूरी तरह उजड़ चुकी थी। रविवार को सुबह 11 बजे तक मुख्य पंडाल पूरी तरह ट्रकों में पैक हो चुका था। साइड में बना स्टॉल्स का पंडाल बना था लेकिन स्टॉल्स एकदम खाली थे। दो दिन की समिट के हिसाब से यहां तैनात पुलिस कर्मी और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी जरूर खाली कुर्सियों पर बैठे दिखे। दूसरे दिन न तो अफसर यहां दिखे न ही उद्यमी। खरीददारों का तो नाम - निशान नहीं था। लेकिन ओडीओपी योजना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में है। लिहाजा दूसरे दिन के निर्धारित कार्यक्रमों की कागजों में खानापूरी की गई। दोपहर में उपायुक्त उद्योग पहुंचे, आठ - दस लोगों को किसी तरह जुटाकर समिट में बायर - सेलर मीट की तस्वीरें जारी कर दी गईं।
मुख्य पंडाल उखड़ गया था। साइड वाले पंडाल में हमने बायर - सेलर मीट और तकनीकि जानकारी का सत्र दूसरे दिन आयोजित किया। रविवार होने की वजह से उद्यमी नहीं आ सके। लेकिन जो उद्यमी और आर्टिजन्स आए थे उन्हें विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर तकनीकि जानकारी दी। अधिकारी शाम तक समिट में मौजूद थे। - देशराज गौतम, उपायुक्त उद्योग।