बुधवार सीजन का सबसे सर्द दिन रहा। सुबह से कोहरा छाने और पूरे दिन धूप नहीं निकलने से लोगों के जनजीवन पर असर पड़ा। ठंड ने अचानक जैकेट, ऊनी स्वेटर और इलेक्ट्रानिक उपकरणों का बाजार गर्मा दिया। बाजारों में खरीदारों की भीड़ रही।
बुद्ध बाजार और टाउन हाल के आसपास दुकानों में देर शाम तक भीड़ भाड़ रही। व्यापारी महेश कुमार ने बताया कि सीजन में पहली बार बाजार में रौनक लौटी है। अब तक सीजन खराब जाने से दुकानदार आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। दुकानदारों ने अक्तूबर से ही जाड़ों का स्टाक रख लिया था। ठंड शुरू नहीं होने से माल डंप पड़ा था। बुधवार को ठंड बढ़ने से ग्राहक दुकानों तक पहुंचे हैं।
सिविल लाइन स्थित व्यापारी विनोद सिंह बताते हैं, जनवरी तक ठंड का मौसम रहेगा। अधिकतर लोग पहले से खरीदारी कर चुके हैं। बुधवार की कड़ाके की ठंड ने ग्राहकों को बाजार तक जरूर खींचा है। विनोद सिंह बताते हैं लगातार ठंड रही तो बाजारों की रौनक लौटेगी और स्टॉक निकलने से व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। इलेक्ट्रानिक दुकान संचालक मो उवेश बताते हैं, ठंड ने हीटर, पानी गर्म करने की रॉड, ब्लोअर की अचानक मांग बढ़ा दी है। बुधवार को देर शाम तक ग्राहकों ने खरीदारी की। कांठ रोड के अधिकतर गारमेंट्स शोरूम भी ग्राहकों से गुलजार रहे। ग्राहकों ने जैकेट की खरीद की। बुद्ध बाजार स्थित रजाई गद्दों और कंबल की दुकानों पर भी भीड़ रही।
अस्पताल गेट पर ठंड से ठिठुरती रही महिला
महिला अस्पताल के गेट पर बुधवार को एक महिला ठंड से ठिठुरती रही। महिला मानसिक विक्षिप्त है। पिछले एक सप्ताह से महिला अस्पताल परिसर में घूम रही है। बुधवार को मुख्य गेट के पास महिला सड़क पर लेट गई। ठंड से महिला की कंपकंपी छूट रही थी। सुबह से अपराह्न तक वहां से गुजरने वाले सैकड़ों तीमारदारों और डाक्टरों का दिल नहीं पसीजा। अस्पताल प्रशासन ने महिला को भर्ती करवाने की जहमत तक नहीं उठाई। अपराह्न में एक डाक्टर ने महिला को कंबल ओढ़ाया।
स्कूलों में ठंड से बेहाल रहे नौनिहाल
अचानक ठंड का प्रकोप बढ़ने से स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अधिकतर प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए कुर्सियां और बेंच नहीं हैं। फर्श पर दरी बिछाई जाती हैं और बच्चे उनमें बैठते हैं। बुधवार को पूरे दिन सूरज नहीं निकलने से ठंडी फर्श पर दरी में बैठने वाले बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ी। स्कूलों में मध्याह्न भोजन के बाद बच्चे ही अपने बर्तनों के साथ स्कूलों के बर्तन धोते हैं। बर्तनों को धोने में भी बच्चों को ठंड का शिकार होना पड़ा।
विंटर डायरिया से पस्त हुए बच्चे
मुरादाबाद। अचानक बढ़ी ठंड बच्चों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। ठंड की चपेट में आने से बच्चे निमोनिया और विंटर डायरिया की चपेट में आने लगे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. अशोक कुमार ने बताया कि बुधवार को ओपीडी पहुंचने वाले 30 फीसदी बच्चे डायरिया और निमोनिया से पीड़ित थे। छोटे बच्चों में ठंड से पसलियां चलने की शिकायत रही।