यूपी बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन संपन्न कराने के लिए अधिकारी पूरी तरह से तैयार हो गए हैं। तकनीक से निगरानी के अलावा वह कक्ष निरीक्षक बनाने में भी सख्ती बरतेंगे। ड्यूटी लगवाने के लिए शिक्षकों को अपने सभी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बताया कि दिसंबर से कक्ष निरीक्षक बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
गत वर्ष पहली बार बोर्ड परीक्षा सीसीटीवी की निगरानी में कराई गई थीं, लेकिन कुछ केंद्रों पर शिक्षकों के बोलकर नकल कराने की भी शिकायत मिली थीं। इससे निपटने के लिए शासन ने जहां अतिरिक्त सीसीटीवी लगाने के अलावा वायस रिकॉर्डर लगाने के भी निर्देश दे दिए हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वादश मंडल डॉ. महेंद्र देव ने बताया कि अंतिम समय कक्ष निरीक्षक बनने पर जल्दबाजी में कई बार उनकी सत्यता की जांच नहीं हो पाती है।
इससे बचने के लिए दिसंबर से कार्य शुरू होगा। शिक्षकों को अपने सभी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे। उनकी जांच के बाद ही परिचय पत्र जारी किए जाएंगे। यदि किसी केंद्र पर कक्ष निरीक्षक की कमी होती है तो वहां सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी कक्ष निरीक्षक बनाया जा सकता है। परिचय पत्र बनने के बाद कक्ष निरीक्षकों को केंद्रों पर लगभग एक सप्ताह पहले जानकारी देनी होगी, ताकि उसकी पुष्टि की जा सके। उन्होंने बताया कि सभी जनपदों से व्हाट्सएप ग्रुप पर जुड़े हुए हैं। इसके अलावा छह दिसंबर को शासन में होने वाली बैठक के बाद जारी दिशा-निर्देशों के हिसाब से कार्य किया जाएगा।