मुरादाबाद मंडल में आयुष्मान बीमा योजना में चयनित 34 हजार 916 परिवार नहीं मिल रहे हैं। मुरादाबाद और बिजनौर जिले परिवारों ढूंढने में नाकाम रहे हैं। सत्यापन अभियान में परिवार नहीं मिलने पर टीमों ने रिपोर्ट पोर्टल पर जारी कर दी है।
आयुष्मान भारत बीमा योजना में मुरादाबाद मंडल में 731569 परिवार चिह्नित हैं। इनमें 458729 परिवार ग्रामीण क्षेत्र से हैं। 2011 की जनगणना के आधार पर इनका चयन हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलेवार चयनित परिवारों का सत्यापन कार्य पूरा हो गया है। चयनित परिवारों में 696653 परिवारों का सत्यापन के साथ उनका डेटा पोर्टल पर आनलाइन हो गया है। परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 34916 परिवार नहीं मिले हैं। स्वास्थ्य टीमों को शहरी क्षेत्र में परिवार ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जो परिवार नहीं मिले हैं वो घर छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं। उनकी कोई जानकारी नहीं मिल रही है। बिजनौर और मुरादाबाद में करीब 88 फीसदी सत्यापन हुआ है। करीब 12 फीसदी लोग दूसरी जगहों पर शिफ्ट हो गए हैं। वहीं, रामपुर में शहरी क्षेत्र में 100 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र में 98 फीसदी सत्यापन हुआ है।
मुरादाबाद मंडल में जिलेवार आयुष्मान योजना में चयनित परिवार और सत्यापन की स्थिति
जिला (ग्रामीण) परिवार सत्यापन (शहरी) परिवार सत्यापन
बिजनौर 191278 187176 82688 73149
अमरोहा 21267 21250 26505 24619
मुरादाबाद 131850 127099 123864 109822
रामपुर 45704 45221 39783 39768
संभल 68630 68549 -- --
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कुल 458729 449295 272840 247358
आयुष्मान मित्रों की वैकल्पिक तैनाती
मुरादाबाद। बीमा योजना में सत्यापित परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। मुरादाबाद जिले में 15 अस्पतालों में गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। इनमें जिला और महिला अस्पताल के अलावा कांठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरकारी हैं। बाकी 12 अस्पताल निजी हैं। जिला समन्वयक अली इरशाद के मुताबिक सभी अस्पतालों में आयुष्मान मित्रों की तैनाती होनी है। सरकारी अस्पतालों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आयुष्मान मित्र तैनात हो गए हैं। निजी अस्पतालों में अस्पताल कर्मियों ने व्यवस्था संभाल ली है। आयुष्मान मित्र लाभार्थियों और चयनित अस्पतालों के बीच सेतु का काम करेंगे। जिला अस्पताल से 15 लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड भी जारी हो चुके हैं।