अनुसूचित जाति /जन जाति अत्याचार निवारण के लिए गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में समाज कल्याण अधिकारी ने जानकारी दी कि वर्ष 2017-18 में जिले में दलित उत्पीड़न के 56 मामलाें में 56.25 लाख रुपये का भुगतान पीड़ितों को किया गया। इस वर्ष अभी तक 15 मामलों में 19.5 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। डीएम ने निर्देश दिया है कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अपनी रिपोर्ट जल्दी दें ताकि इन मामलों में अविलंब आर्थिक सहायता दी जा सके।
कलक्ट्रेट में डीएम राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने ने बताया कि र्वा 2017-18 में दलित अपमान के कुल 48 मामले आए जिनमें प्रति पीड़ित 75 हजार रुपये के हिसाब से 36 लाख रुपये की धनराशि पीड़ितों को दी गई। बलात्कार के एक मामले में तीन लाख रुपये पीड़िता को दिए गए। लैंगिक शोषण के छह मामलों में 1.5 लाख रुपये प्रति पीड़ित के हिसाब से नौ लाख रुपये की आर्थिक मदद पीड़ितों को दी गई। दलित हत्या के एक मामले में 8.25 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई। अत्याचार उत्पीड़न निवारण योजना के तहत चालू वर्ष में दलित अपमान अभित्रास के 13 मामलों में पीड़ितों को 9.75 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। लैंगिक शोषण के एक मामले में 1.5 लाख रुपये और दलित हत्या के एक मामले में 8.25 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। बैठक में एडीएम सिटी जगतपाल सिंह, एडीएम प्रशासन लक्ष्मीशंकर सिंह, एएसपी अपर्णा गुप्ता आदि उपस्थित रहे।