यूपी में भड़क सकती है किसान आंदोलन की चिंगारी
- यूपी में फसली ऋण माफी की घोषणा तो हुई, लेकिन आज तक आदेश नहीं पहुंचा
- उत्तर प्रदेश के दो करोड़ लघु एवं सीमांत किसानों का 36 हजार करोड़ का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन की चिंगारी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी भड़क सकती है। मध्य प्रदेश की घटना को लेकर यहां का किसान भी गुस्से में है। साथ ही सूबे की योगी सरकार ने फसली ऋण माफी की जो घोषणा की थी। उसका आदेश अभी तक धरातल पर दिखाई नहीं दे पाया है। कृषक को बैंकों से कोई संतोष जनक जवाब नहीं मिल पा रहा है। इतना नहीं सरकार ने फसली ऋण माफी का जो दायर तय किया है। उसमें एक गांव से एक या दो किसानों को ही लाभ मिल पाएगा। अधिकांश किसान तो अपना ऋण जमा कर चुके हैं।
उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्य मंत्री योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में हुई पहली कैबिनेट की बैठक में दो करोड़ लघु एवं सीमांत किसानों का करीब 36359 करोड़ रुपये का फसली ऋण माफ करने की घोषणा की थी। 31 मार्च 2016 तक लोन जमा न करने वाले किसानों को ही इसमें शामिल किया गया था। दो माह से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। लेकिन शासन का आदेश अभी तक बैंकों के पास नहीं पहुंच पाया है। अब मध्य प्रदेश में फसली ऋण माफी की मांग कर रहे किसानों पर गोली चलाई गई। जिसमें छह किसानों की मौत हो गई है। मध्य प्रदेश आंदोलन की चिंगारी उत्तर प्रदेश के जिलों में फैल सकती है। यहां का किसान भी गुस्से में है। किसान संगठन सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गए हैं। किसान संगठनों के नेताओं की मांग है कि सभी किसानों का कर्ज माफ किया जाए। वरना यहां भी आवाज बुलंद की जाएगी।
10 जून को दिल्ली में होगी राष्ट्रीय किसान महासंघ की मीटिंग
मुरादाबाद। भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश में किसानों पर गोली चलाई गईं। जिसमें कई बेगुनाह किसानों की जान चली गई। सरकार को किसानों का कर्ज काफ करना चाहिए। चुनाव से पहले जो घोषण की गई थी। केंद्र सरकार को उसे पूरा करना होगा। 10 जून को दिल्ली में राष्ट्रीय किसान महासंघ की मीटिंग है। जिसमें किसान संगठनों के प्रतिनिधि आगे की रणनीति तय करेंगे।
दबाई जा रही किसानों की आवाज
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा ने कहा कि मध्य प्रदेश में किसानों की आवाज दबाई जा रही है। चुनाव से पहले जो घोषणा की गई थी। सरकार को उन वादों का पूरा करना चाहिए। पूरे देश का किसान एक साथ है। मध्य प्रदेश की घटना को लेकर किसानों में गुस्सा है। यूपी में सरकार ने ऋण माफी की घोषणा तो कर दी। लेकिन अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि फसली ऋण माफी का किस किसान को फायदा मिला है। और किस किसान को नहीं मिल पाया।
पूरे देश के किसानों का कर्ज किया जाए माफ
भाकियू के मंडल वरिष्ठ उपाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह ने कहा कि किसान की आमदनी घट रही है। बीज खाद और बिजली के दाम बढ़ रहे हैं। लेकिन किसान की फसल के रेट नहीं बढ़ाए जा रहे हैं। किसान अपनी आवाज उठाता है तो सरकार उन पर गोलियां चलवा रही है। केंद्र सरकार को पूरे देश के किसानों का ऋण माफ करना चाहिए। लोक सभा चुनाव से पहले सरकार ने ऋण माफी की घोषणा की थी। लेकिन सरकार अपना वादा पूरा नहीं कर पाई है।
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नौ अगस्त को देश भर के हाईवे किए जाएंगे जाम
मुरादाबाद। पिछले दिनों मुरादाबाद में राष्ट्रीय किसान महासंघ का सम्मेलन हुआ था। जिसमें विभिन्न प्रांतों से 62 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। जिसमें तय किया गया था कि अगर केंद्र सरकार ने पूरे देश के किसानों का कर्ज माफ नहीं किया तो नौ अगस्त को देश भर के हाईवे पर किसान जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन करेेंगे।
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