नेशनल हेल्थ मिशन के संविदा डाक्टर एवं कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार से मरीज हलकान हो गए हैं। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा सेवाएं ठप होने के बाद अब जिला अस्पताल में भी सेवाएं बाधित होने लगी हैं। जिला अस्पताल में टीबी और शुगर जांच और काउंसलिंग सेंटर के काउंटर बंद हो गए हैं। पीएचसी और सीएचसी ठप होने से जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ने से भी मुश्किलें बढ़ रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग में तैनात 732 संविदा कर्मचारी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर हैं। इससे अधिकतर पीएचसी और सीएचसी में ओपीडी, टीकाकरण, दवा वितरण और पैथौलॉजी जांचें बंद हैं। मरीज अस्पताल पहुंचने के बाद वापस लौट रहे हैं। जिला अस्पताल में टीबी के जांच सेंटर में ताला लटक गया है। आपरेशन से पहले शुगर की जांच कराने के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है। शुगर जांच केंद्र भी ठप हो गया है।
इससे आंखों के आपरेशन वाले मरीज सबसे अधिक परेशान हैं। नया गांव निवासी पदम सैनी और चंद्र पुरा निवासी राकमली के मुताबिक आंखों का आपरेशन होना है। शुगर और अन्य जांचें नहीं होने से आपरेशन की तारीख नहीं मिल पा रही है। भूडी निवासी होते लाल शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुंचा। पर्चा बनने तक ओपीडी बंद होने से वापस लौटा। लाइनपार निवासी रामदेवी सांस की परेशानी लेकर अस्पताल पहुंची। उसे भी पर्चे की लाइन में खड़ा होने से काफी मुश्किल झेलनी पड़ी।
जिला अस्पताल अस्पताल में भी मरीजों का दबाव काफी अधिक हो गया है। अधिकतर लोग बच्चों को टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। कांठ रोड निवासी अंशु ने बताया कि एएनएम हड़ताल पर हैं। जिसके चलते ढाई माह के बच्चे को टीका नहीं लग पाया और उसे महिला अस्पताल आना पड़ा। पीएचसी और सीएचसी में ओपीडी बंद होने से महिला अस्पताल की ओपीडी दोगुनी पहुंच गई है। दीनदयाल जिला चिकित्सालय और महिला अस्पताल की ओपीडी से लेकर दवा वितरण केंद्रों पर मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। मरीजों का दबाव बढ़ने से उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।