फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला अस्पताल में फार्मेसिस्टों ने संभाली ओपीडी, लगाए एआरवी

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद।
विज्ञापन

नेशनल हेल्थ मिशन के संविदा चिकित्सकों एवं स्टाफ कर्मियों के अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार से प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दूसरे दिन भी मरीज भटकने को मजबूर हुए। जिला अस्पताल स्थित आयुष विभाग की ओपीडी बंद होने पर अस्पताल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था कर नियमित फार्मेसिस्टों की तैनाती कर दी। इससे एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को राहत मिली।
जिले में आवारा कुत्तों ने आतंक मचाया है। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एआरवी की सबसे अधिक खपत है। पीएचसी और सीएचसी में एआरवी के संकट के बीच चिकित्सकों, नर्सों और फार्मेसिस्टों के कार्य बहिष्कार से मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। मरीज परेशान होकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में भी कुत्ते के हमलों के शिकार लोगों को आयुष विभाग की ओपीडी में देखा जाता है। आयुष विभाग की ओपीडी का संचालन संविदा चिकित्सक करते हैं। सोमवार को दोपहर बाद ओपीडी बंद होने से मरीजों को निराश लौटना पड़ा था। अमर उजाला ने मरीजों की परेशानी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की परेशानी देखते हुए मंगलवार से एआरवी की ओपीडी में नियमित फार्मेसिस्टों की तैनाती कर दी है। चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार ने बताया कि संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार तक वैकल्पिक व्यवस्था प्रभावी रहेगी। इससे मरीजों को राहत मिलेगी। फार्मेसिस्ट हेमंत चौधरी ने बताया कि मंगलवार 100 से अधिक लोग ओपीडी पहुंचे। करीब 60 लोगों को एआरवी लगाई गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें