मिजल्स-रुबेला (एमआर) टीकाकरण के प्रति अभिभावकों और शिक्षकों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। नियमित टीकाकरण टीमों के अलावा स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त टीमों ने स्कूलों का दौरा शुरू कर दिया है। सोमवार को जिला समन्वयक डा. जावेद के नेतृत्व में टीम कई स्कूलों में पहुंची। आशंकित अभिभावकों और शिक्षकों को टीके के फायदों की जानकारी दी गई। इसके बाद 270 बच्चों का टीकाकरण हो सका।
एमआर टीके को लेकर अभिभावक ही नहीं बल्कि शिक्षकों में आशंकाएं और भ्रांतियां हैं। इसका असर टीकाकरण पर पड़ रहा है। जागरूकता की कमी के चलते मुस्लिम इलाकों में टीमों को लौटाया जा रहा है। अभिभावक सीधे तौर पर बच्चों को टीका लगाने से इंकार कर रहे हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय ने अभिभावकों को जागरूक करने के लिए टीमें बनाई हैं। सोमवार को जिला समन्वयक डा. जावेद के नेतृत्व में टीम एमजे एकता पब्लिक स्कूल और सरकारी स्कूल पहुंची। डा. जावेद ने टीकाकरण के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि टीका पूरी तरह सुरक्षित है। टीका खसरा और मीजल्स से बचाता है।
लालपुर गंगवारी स्कूल में कई अभिभावकों ने टीका लगाने से इंकार कर दिया। टीम द्वारा अभिभावकों को समझाए जाने पर अभिभावक राजी हो गए। टीम ने शिक्षकों और अभिभावकों को जागरूक कर 270 बच्चों का टीकाकरण कराया। पूर्व प्रधान खुर्शीद अहमद और स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अनिल पाल सिंह ने कहा कि नौ माह से 15 साल की उम्र के बच्चों इस टीके से कोई नुकसान नहीं होता है। इस दौरान सुपरवाइजर निलेश कुमार, प्रियंका कुमारी, अंजना कुमारी और शबाना रोज आदि रहे।