राज्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह और सांसद सर्वेश सिंह के बीच हुई सुलह ने जिला पंचायत चुनाव में मंत्री भूपेंद्र के निजी सचिव की पत्नी महावीर की राह आसान कर दी है। दोनों में हुए समझौते ने मुखालिफ खेमे को भी पस्त कर दिया है, जिसे अभी तक सांसद से सहारा मिलने की उम्मीद थी। सियासी हलकों में चर्चाएं हैं कि बदली परिस्थितियों में जिला पंचायत उपचुनाव के नतीजे मंगलवार को भी तय हो सकते हैं। हालांकि बसपा ने एक पर्चा खरीद कर भाजपा खेमे में हलचल पैदा कर दी है।
सलिता सिंह के इस्तीफे से खाली हुई जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए मंगलवार को नामांकन होना है। भाजपा समर्थित प्रत्याशी के तौर पर मंत्री भूपेंद्र के निजी सचिव महावीर की पत्नी मिथलेश कुमारी पर्चा खरीद चुकी हैं। बसपा की ओर से जिला पंचायत सदस्य रन सिंह भारती के नाम से भी पर्चा खरीदा गया है। सूत्रों का कहना है कि रन सिंह भारती घर से लापता हैं और उन्हें भी सत्ताधारी दल की मेजबानी में रखा गया है। जिला पंचायत के एकाध को छोड़ बाकी सदस्य घरों पर नहीं हैं। इनके फोन रिसीव नहीं हो रहे हैं। इनमें से ज्यादातर के नंबर बंद हैं। मंगलवार को पूर्वाह्न ग्यारह बजे से दोपहर तीन बजे तक नामांकन होगा। मंगलवार को ही नामांकन पत्राें की जांच हो जाएगी। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। यदि मिथलेश के अलावा कोई पर्चा दाखिल नहीं होता है तो मंगलवार को ही इस उपचुनाव का नतीजा तय हो जाएगा। सियासी हलकों में चर्चाएं हैं कि सत्ता से जुड़े माने जाने वाले जिला पंचायत के चुनाव में मिथलेश को कुर्सी तक पहुंचने में शायद ही कोई दिक्कत हो। सांसद और मंत्री के मिलन ने इसे और भी आसान कर दिया है। बदले हालात में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सलिता सिंह की ओर से फिलहाल पर्चा नहीं खरीदा गया है। सपा ने अधिकृत तौर पर भी कोई प्रत्याशी घेाषित नहीं किया है। बसपा ने पर्चा जरूर खरीदा है लेकिन सदस्यों का गणित देखते हुए इसे सिर्फ चुनाव कराने की औपचारिकता भर माना जा रहा है।
जिला पंचायत उपचुनाव को लेकर अभी तक पार्टी से कोई निर्देश नहीं है। सुबह जैसी स्थिति होगी उसके अनुरूप पार्टी निर्देश पर नामांकन कराने या नहीं कराने का निर्णय लिया जाएगा। - राजीव सिंघल, जिलाध्यक्ष सपा।
अभी हम इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। नामांकन कराने या नहीं कराने का फैसला सुबह लिया जाएगा। - अरुण सिंह, जिला पंचायत सदस्य, बसपा (बसपा सांसद वीर सिंह के पुत्र)।