मुरादाबाद। इस बार की प्रवेश प्रक्रिया में पिछले साल से अधिक पंजीकरण होने से विश्वविद्यालय के अधिकारी गदगद हैं वहीं दूसरी ओर कालेजों में प्रवेश समितियों के चेहरे पर सीट भरने की चिंता झलक रही है। नए शैक्षिक सत्र के लिए 16 अप्रैल से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की गई थी। उस वक्त किसी भी बोर्ड का परिणाम न आने की वजह से छात्रों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। छात्रों को मौका देने के लिए अब तक विश्वविद्यालय करीब छह बार पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करा चुका है। इस वजह से अब तक पंजीकरण और प्रवेश दोनों पिछले साल से अधिक हैं।
स्नातक में भी है समस्या
एमएच कालेज, हिंदू कालेज में स्नातक के सभी संकाय में लगभग सभी सीट भर चुकी हैं, जबकि के जी के कालेज में बीए, बीएससी बायो में सीट भर सकी हैं। दयानंद कालेज में बीए की 540 सीट पर 450, गोकुलदास कालेज में 960 सीट पर 508, परास्नातक अंग्रेजी विषय में 80 सीट पर 80 छात्राओं ने प्रवेश लिया है।
बारिश बनी बाधा
विश्वविद्यालय ने अंतिम मौका देते हुए शनिवार से पुन: पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। फार्म जमा करने की अंतिम तारीख 30 जुलाई है। कालेजों को 31 जुलाई को प्रवेश प्रक्रिया संपन्न करानी है। दिन भर बारिश होने की वजह से कालेजों में पंजीकरण फार्म जमा करने के लिए कुछ ही विद्यार्थी पहुंच सके।
पिछले साल कूी तुलना में करीब तीन हजार अधिक दाखिले हो चुके हैं। पिछले साल 2,27,525 छात्रों ने सौ रुपये के साथ पंजीकरण कराया है, जबकि इस साल 2,37,856 छात्रों ने पंजीकरण कराया है। कालेजों में सीट खाली रहना चिंता का विषय है। इस पर विवि और कालेज को साथ मिलकर सोचना होगा।
प्रो. एनएन पांडे, प्रवेश समन्वयक, एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय।