संगठन के राष्ट्रीय आह्वान पर ट्रक यूनियन ने 20 जुलाई से बेमियादी हड़ताल की चेतावनी दी है। इसकेचलते अफसर अलर्ट हो गए हैं। व्यापारी भी आवश्यक वस्तुओं के भंडारण में जुट गए हैं। ट्रक संचालक डीजल के मूल्यों में बढ़ोतरी और टोल टैक्स सहित कई मांगों पर लेकर गुस्से में हैं।
मंडल से 24 हजार से ज्यादा ट्रकों का संचालन होता है। आल इंडिया ट्रक आपरेटर्स यूनियन ने 20 जुलाई से चक्काजाम की चेतावनी दी है। ट्रक यूनियन के अध्यक्ष मुनेंद्र कुमार ने बताया कि शासन ट्रक आपरेटर्स की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। डीजल की महंगाई केसाथ ही टोल टैक्स ने काम करना मुश्किल कर दिया है। टोल टैक्स सहित परिवहन विभाग के अफसर ओवर लोड के पर उत्पीड़न करते हैं। बार-बार ज्ञापन दिए जाने के बावजूद अधिकारी इसको गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसके चलते 20 जुलाई से चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। शुरूआत में दवा-दूध जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा गया है। यदि अधिकारियों ने जल्द गंभीरता नहीं दिखाई तो उनको भी बंद कर दिया जाएगा।
व्यापारी नेता विपिन गुप्ता ने बताया कि ट्रकों की हड़ताल के चलते जरूरी सामान को पहले मंगवाने का प्रयास किया जा रहा है। इसका भी ध्यान रखा जा रहा है कि कोई सामान ऐसा न हो जो हड़ताल के दौरान ट्रकों में रास्तों में ही फंसा रह जाए।
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- मंडल में 24 हजार से ज्यादा ट्रकों का होता है संचालन
- दवा, रसोई गैस, सब्जी और दूध के वाहनों का होगा संचालन
- परिवहन अफसर यूनियन नेताओं को मनाने में जुटे
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हड़ताल राष्ट्रीय स्तर पर है। इसके बावजूद हम स्थानीय यूनियन नेताओं के संपर्क में हैं। उम्मीद है कि सरकार हड़ताल से कोई समाधान निकाल लेगी। - जेपी गुप्ता, एआरटीओ।