मंडी धनौरा। नगर के अग्रसेन बाजार में स्थित एक भूमि को लेकर चल रहे विवाद में मंगलवार की सुबह दो पक्षों में फिर से झगड़ा हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के 11 लोगों का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया। एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी की जमानत अस्वीकार करते हुए जेल भेज दिया।
मेन बाजार में वर्षों से भूमि खाली पड़ी हुई है। भूमि के चारों ओर लोगों के मकान व व्यापारिक प्रतिष्ठान भी है। इस भूमि को लेकर भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष राजीव अग्रवाल व नीरज जैन पक्ष के बीच काफी समय से विवाद चला आ रहा है। राजीव अग्रवाल इस भूमि को अपनी पैतृक तो नीरज जैन सार्वजनिक बताते हैं। तीन दिन पहले थाने में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। मंगलवार की सुबह फिर से दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। दोनों पक्ष एक दूसरे पर समझौते का उल्लंघन का आरोप लगाने लगे।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और मौके पर मौजूद लाेगों को थाने ले आई। एसडीएम चंद्रकांता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक पक्ष से राजीव अग्रवाल, सूरज अग्रवाल, नेम सिंह, चंदर, अमित, मयंक शर्मा व दूसरे पक्ष से नीरज, विकास जैन, अभिषेक जैन, अक्षत व अतिशय को जेल भेज दिया।
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चालान होते ही दोनों पक्ष एसडीएम पर दबाव डलवाने लगे
राजीव अग्रवाल व नीरज जैन के परिवार की गिनती नगर के संभ्रांत व्यक्तियों में होती है। विवाद के बाद दोनों ही पक्ष इस भूमि को लेकर काफी समय से विवाद पुलिस ने सभी का शांति भंग की आशंका में चालान करते हुए एसडीएम से जमानत नहीं देने की संस्तुति की। पुलिस ने अपनी संस्तुति में कहा कि यदि आरोपियों को हिरासत में नहीं भेजा गया तो आपराधिक घटना हो सकती है। पुलिस की संस्तुति पर एसडीएम ने जमानत को अस्वीकार करते हुए जेल भेज दिया। एसडीएम के जेल भेजने के आदेश करते ही दोनों पक्षों के पैरवीकारों ने राजनैतिक सिफारिश करानी शुरू कर दी। लेकिन एसडीएम ने किसी की नहीं सुनी। सोशल मीडिया पर भी आए दिन यह प्रकरण उछलता रहता है।