मुरादाबाद। केंद्र सरकार के उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण शनिवार की आधी रात तक ही किया जा सकेगा। पोर्टल पर संपत्तियों का पंजीकरण और विवरण अपलोड करने की अंतिम तिथि में एक दिन की छूट दी गई है। आंकड़ों के अनुसार अबतक शहर में केवल 21 फीसदी संपत्तियों का ही पंजीकरण हो पाया है। जिले में करीब पांच हजार वक्फ संपत्तियां हैं जिसमें से कुल 1060 संपत्ति का ही रजिस्ट्रेशन शुक्रवार की शाम तक पोर्टल पर हो पाया है। अनुमान के मुताबिक जिले में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में करीब 4300 और शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड में 700 संपत्तियां वक्फ हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड की करीब 20 फीसदी और शिया वक्फ बोर्ड की करीब 40 फीसदी संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। शुक्रवार को अंतिम तिथि होने के चलते जन सेवा केंद्रों एवं अल्पसंख्यक विभाग के कार्यालय में करीब सौ संपत्तियों का पंजीकरण कराया गया है। इसके बाद भी अभी 79 प्रतिशत संपत्तियां ऐसी हैं जिनका पंजीकरण अबतक नहीं हो पाया है। बची हुई वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण कराने के लिए लोगों के पास शनिवार को आखिरी मौका है। शनिवार की रात 12 बजे तक पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण किया जा सकेगा।
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- पोर्टल पर पंजीकरण कराने को भटके लोग
शुक्रवार को वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण के लिए बड़ी संख्या में लोग परेशान रहे। डिप्टीगंज चौराहे के पास स्थित सीएचसी सेंटर के संचालक महताब हुसैन ने बताया कि जिन लोगों के कागजात मौजूद थे उनके पंजीकरण आसानी से हो गए। पोर्टल बुधवार की रात से ठीक तरीके चल रहा है। दिक्कत उन्हें ही हुई जिनके कागजात ही पूरे नहीं थे। कई लोग ऐसे भी पंजीकरण के लिए पहुंचे जिनके पास कागज तो मौजूद था लेकिन उन्हें संपत्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। ऐसे लोगों का रजिस्ट्रेशन भी पूरा नहीं हो सका। इमामबाड़ा कुली अली खां के मुतवल्ली डॉ. आरिफ रजा ने बताया कि पोर्टल की सुस्त रफ्तार की वजह से पंजीकरण करने में काफी दिक्कत आई लेकिन फिर भी रजिस्ट्रेशन का काम पूरा कर लिया है।
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- आज जरूर करा लें पंजीकरण
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के जिले में बनाए गए को-ऑर्डिनेटर हाफिज बाकर नईमी का कहना है कि शनिवार का दिन ही लोगों के पास आखिरी मौके के रूप में है। लोग अपने पंजीकरण जरूर करा लें। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी तुलिका शर्मा का कहना है कि पोर्टल ठीक तरीके से काम कर रहा है। लोगों को रजिस्ट्रेशन में कोई भी दिक्कत आ रही है तो वह विभागीय कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। कार्यालय में भी लोगों के पंजीकरण कराए जा रहे हैं।
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- समयसीमा बढ़ाने को लेकर लोगों में फैला भ्रम
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन को लेकर दिए गए बयान पर भी लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हुई। लोगों के बीच यह अफवाह उड़ी की केंद्रीय मंत्री ने तीन महीने के लिए रजिस्ट्रेशन की समयसीमा बढ़ा दी है। जबकि केंद्रीय मंत्री ने सिर्फ उन्हें ही राहत देने की बात की है जिन्होंने पंजीकरण कराने की कोशिश की है या फिर दस्तावेज अपलोड नहीं कर पाए हैं। ऐसे लोगों पर तीन महीने तक कोई जुर्माना न लगाने की बात कही है। जिन्होंने रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया है उन्हें फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। केंद्रीय मंत्री ने मीडिया को दिए गए बयान में कहा कि जिन लोगों ने पंजीकरण ही नहीं कराया है वह वक्फ न्यायाधिकरण का रुख कर सकते हैं। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देशों में स्पष्ट किया था कि छह महीने की समय सीमा के बाद तारीख को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है लेकिन न्यायाधिकरण के पास इसे छह महीने तक आगे बढ़ाने का अधिकार है।