मुरादाबाद। लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय पार्टियों ने स्थानीय मुद्दे तलाशने के निर्देश दिए हैं, ताकि घोषणा पत्र में शामिल किया जा सके और प्रचार के दौरान मतदाताओं को आश्वासन दे सकें। वहीं, कैंपस परिचर्चा में सोमवार को गोकुलदास हिंदू गर्ल्स कालेज की शिक्षिकाओं ने कहा कि शहर की सबसे बड़ी समस्या सरकारी विश्वविद्यालय न होने की है। जो विश्वविद्यालय निर्माण करवाएगा, उसी के लिए मतदान किया जाएगा।
प्राचार्य डॉ. अंजना दास ने कहा कि जनता के लिए सबसे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा और गौरव मायने रखता है। इसलिए मजबूत सरकार बनाना बहुत आवश्यक है, ताकि वह देशहित सख्त निर्णय ले सके। साथ ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का सक्रिय होना भी जरूरी है। कालेज नैक मूल्यांकन करवाकर ग्रेड हासिल करते हैं, ताकि अनुदान मिल सकेगा और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार आएगा, लेकिन अनुदान न मिलने से कार्य रुके हुए हैं। हिंदी की विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा अग्रवाल ने कहा कि शहर में चारों तरफ गंदगी पसरी रहती है। कालेज के समय सुबह में कूड़ा उठना शुरू होता है। इससे बदबू और जाम की समस्या झेलनी पड़ती है। समाजशास्त्र की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंचल गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय होने से ही शैक्षिक समस्याओं का समाधान हो सकेगा। विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी बरेली के चक्कर लगाने पड़ते हैं। यदि अभी निर्माण नहीं हुआ तो भविष्य में इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। शिक्षाशास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ. शशि सिंह ने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त है। डिप्टीगंज से लेकर कालेज तक जाम लगा रहता है। चौराहों पर यातायात पुलिस नजर नहीं आती है। संस्कृत की विभागाध्यक्ष डॉ. गीता परिहार ने कहा कि सड़कों पर बहुत गड्ढे हैं। स्मार्ट सिटी की प्रक्रिया में यह अड़चन है। शिक्षा संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ. अंशु सरीन ने कहा कि शहर में टॉवर बहुत लगवाए जा रहे हैं। इससे लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।