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फोकस ग्रुप अपराजिता ...बहुत हुआ इस्तेमाल अब हमें अधिकार चाहिए

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मुरादाबाद। अमर उजाला कार्यालय में रविवार को चुनाव में महिलाओं की भूमिका विषय पर फोकस ग्रुप का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं ने खुले मन से अपने विचार रखे। कहा कि आजादी से लेकर अभी तक राजनीति में महिलाओं को सिर्फ इस्तेमाल होता आया है। लेकिन अब आधी आबादी को अपना अधिकार चाहिए। राजनीति में भावनाओं का समावेश होना चाहिए जो सिर्फ महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से ही मुमकिन है।

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खुशबू शर्मा ने कहा कि महिला और पुरुषों के प्रतिनिधित्व में सामंजस्य होना चाहिए। पुरुषों की प्रयोगवादी सोच होती है, जबकि महिलाएं भावनात्मक होती हैं। महिलाओं का प्रतिभाग बढ़ने से वह समस्याओं को बेहतर ढंग से समझकर उन्हें दूर कर सकती हैं। शालिनी भारद्वाज ने कहा कि जब महिलाएं राजनीति में आती हैं तो लोग उन्हें गलत साबित करने में जुट जाते हैं। इस सोच को बदलने की जरूरत है।

अंजू लोचब ने कहा कि राजनीति में स्त्री-पुरुष का भेद खत्म होना चाहिए। संतुलन बना रहना चाहिए और राजनीति को प्रोफेशन समझकर महिलाओं को इसमें आना चाहिए। विजय लक्ष्मी पंडित ने कहा कि आजादी के बाद से आज राजनीति में महिलाओं का सिर्फ इस्तेमाल होता आया है। आज भी कुछ नहीं बदला और इसकी वजह महिलाओं की अपनी सोच है। बदलाव के लिए उन्हें मजबूत इच्छाशक्ति और एकजुटता का परिचय देना होगा।
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डॉ. सुशव सिंह ने कहा कि पार्टी के बजाय हमें नेता को समझकर उसके लिए मतदान करना चाहिए। देश को मजबूत बनाने के लिए हमें अपने वोट के अधिकार का प्रयोग करना होगा। शशि शाह ने कहा कि पार्टी के नीतिगत फैसलों में महिलाओं की सहभागिता होनी चाहिए। किसी भी प्रत्याशी की घोषणा से पहले महिलाओं की राय जानना भी आवश्यक है। मीनू गुप्ता ने कहा कि जागरूकता के अभाव में महिलाएं अपने परिवार के दबाव में वोट करती हैं। अब वक्त है कि वह स्वतंत्र होकर मत के अधिकार का प्रयोग करें।

सीता सैनी ने कहा कि महिलाएं अपने आत्मविश्वास के बल पर राजनीति की दिशा बदलने के काबिल हैं। सुनीता सैनी ने कहा कि महिलाएं सभी परिजनों को मतदान के लिए प्रेरित करती हैं, लेकिन राजनीति में उन्हें बराबर का अधिकार नहीं दिया जा रहा है। रीता कश्यप ने कहा कि बदलते वक्त में राजनीति में महिलाओं की संख्या में इजाफा हो रहा है। प्रीति कश्यप ने कहा कि जब हम आगे बढ़ेंगे तो हमें कोई नहीं रोक सकता है।

आशा चौधरी ने कहा कि अच्छे प्रत्याशी का चयन कर उन्हें संसद में भेजने की बड़ी जिम्मेदारी महिलाओं पर है। सविता चौधरी ने कहा कि राजनीति को समाज सेवा समझकर इसमें आगे आना चाहिए। मीनू चौहान ने कहा कि महिलाओं के प्रति राजनीति में फैले भ्रम को दूर करने का समय आ गया है। पूनम चौहान ने कहा कि समाज में व्याप्त कमियों को दूर करने के लिए राजनीति अच्छा मंच साबित हो सकती है। चंचल टंडन ने कहा कि महिलाओं में देश को आर्थिक, नैतिक और बौद्धिक नेतृत्व देने की क्षमता है।

आने वाली सरकार से मुरादाबाद को उम्मीदें
मुरादाबाद। महिलाओं ने कहा कि मुरादाबाद में मनोरंजन के साधन, पिकनिक स्पॉट, कम्युनिटी सेंटर के निर्माण की आवश्यकता है। सरकारी विश्वविद्यालय, लोकोशेड पुल, योग केंद्र होने से सहूलियत मिलेगी। युवाओं का पलायन रोकने के लिए उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए।

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