हैविट मुस्लिम इंटर कालेज में सोमवार को माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित होने वाली दसवीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन संपन्न कराने के लिए बैठक हुई। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी केंद्र अध्यक्षों को पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराने का आह्वान किया। उन्होंने सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा जैसे किसी भी सॉल्वर गैंग से सचेत रहने को भी कहा। साथ ही किसी भी सिफारिश या दबाव में कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी नहीं लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
सात फरवरी से होने वाली परीक्षाओं की तैयारियों के लिए बैठक में 125 परीक्षा केंद्रों के प्राचार्य उपस्थित थे। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी ने केंद्र अध्यक्षों को प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दोनों ओर सीसीटीवी कैमरा, वायस रिकॉर्डर, मुख्य गेट, उत्तरपुस्तिका और प्रश्नपत्र कक्ष में सीसीटीवी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए फर्नीचर, बिजली, जनरेटर, पानी, शौचालय आदि की व्यवस्था के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रबंधनतंत्र के परिवार से रिश्तेदार चाहे वह प्रधानाचार्य, शिक्षक या लिपिक हों, उन्हें संबंधित विद्यालय के केंद्र पर ड्यूटी नहीं मिलेगी। केंद्रों पर लगाए गए उपकरण (सीसीटीवी, वायस रिकॉर्डर) सही से काम कर रहे हैं या नहीं, इसके लिए टीम बनाकर केंद्रों का सत्यापन कराया जाएगा। प्रदीप कुमार द्विवेदी ने कहा कि परीक्षा में किसी बड़े रैकेट का शामिल होना और आर्थिक लाभ के लिए इस तरह के कृत्य को प्रोत्साहित करना, विभिन्न प्रकार के उपकरण और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना पूरे सिस्टम के लिए चिंता का विषय है।
यह रैकेट अपने काम को अंजाम देने के लिए कोई भी हथकंडा अपना सकते हैं। इसमें शिक्षकों को प्रभाव में लेना भी शामिल है। उन्होंने शिक्षकों से विभाग और जिले की छवि को बनाए रखने का आह्वान किया। कहा कि प्रत्येक जिले में एसटीएफ के सेल गठित कर दिए गए हैं। स्पेशल टीम बनाकर बोर्ड परीक्षा और विश्वविद्यालय परीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है।
स्थानीय खुफिया तंत्र पूर्व के वर्षों में खराब छवि वाले विद्यालयों की सूचनाएं एकत्र कर एसटीएफ को दे रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा दायित्व है कि आने वाले चुनौतियां से पहले से सचेत करा दिया जाए, ताकि किसी प्रलोभन में केंद्र व्यवस्थापक और शिक्षक नहीं आएं। निष्पक्ष भाव से पारदर्शिता के साथ परीक्षा संपन्न कराएं।