राशन डीलरों के यहां से वितरित होने वाले आयरन युक्त नमक का परीक्षण कराया जाएगा। इसके लिए नमक के चार सैंपल लेकर स्टेट लैब भेजे गए हैं। नमक डालने के बाद सब्जी के काली हो जाने के चलते लोग इसको ज्यादा पसंद नहीं कर रहे हैं। स्थानीय जांच में आयोडीन की मात्रा मानकों के अनुरूप पाई गई है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार यूपी के लोगों में आयरन की कमी पाई गई है। लोगों ने लोहे के बरतनों में खाना बनाना छोड़ दिया है। इससे भोजन में पर्याप्त लोहा नहीं मिल पा रहा है। इससे खून की कमी बढ़ती जा रही है। इसको देखते हुए शासन ने आयरन युक्त नमक की सप्लाई शुरू कराई है। इसको प्रदेश के 15 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। इस नमक को राशन की दुकानाें से छह रुपये किलो के हिसाब से बेचा जा रहा है। लोगों की शिकायत है कि नमक डालने पर सब्जी का रंग काला पड़ जाता है। इसको देखते हुए शासन के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नमक की जांच कराने का निर्णय लिया है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि नमक की मौके पर की गई जांच में आयोडीन की मात्रा मानकों के अनुरूप मिली है। आयरन की जांच के लिए चार सैंपल लेकर स्टेट लैब भेजे गए हैं। लोगों को उपलब्धता के आधार पर हर हाल में सरकारी नमक का प्रयोग करने की जरूरत है। इससे सेहत में सुधार आएगा। सब्जी तैयार होने के बाद नमक डाला जाए तो रंग में बदलाव नहीं आता है। रंग बदल भी जाए तो इससे सेहत को फायदा ही होगा।