मुरादाबाद। प्रदेश सरकार ने लेखपालों की हड़ताल पर छह माह का प्रतिबंध लगाते हुए एस्मा लागू तो कर दिया, लेकिन उस पर अमल कराने में प्रशासनिक अमला नाकाम है। एस्मा लागू होने के बावजूद लेखपाल शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी हड़ताल पर डटे रहे। लेखपालाें ने तहसील का सभी काम ठप्प कर दिया है। दाखिले के दिनों में छात्र - छात्राएं प्रमाण पत्रों के लिए तहसीलों में भटक रहे हैं।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र पाल सिंह राठी का कहना है कि लेखपाल संघ और मुख्य सचिव के बीच हुई वार्ता बुधवार को विफल हो चुकी है। संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों ने रविवार को बैठक बुलाई है। तब तक हड़ताल जारी रहेगी। अगला फैसला रविवार को होने वाली बैठक में लिया जाएगा। फिलहाल सरकार मांगों पर विचार के लिए 15 दिन का समय मांग रही है। लेखपाल संघ इस आश्वासन पर हड़ताल खत्म करने के लिए तैयार नहीं है। लेखपाल संघ के पदाधिकारियाें का कहना है कि मांगें पूरी होने तक लेखपाल कोई काम नहीं करेंगे। इसमें आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र भी शामिल हैं। प्रशासन की ओर से एस्मा लागू होने के बावजूद अभी तक इस हड़ताल को खत्म कराने की कोई कोशिश नहीं की गई है। शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी सदर तहसील पर लेखपालों ने दिनभर धरना - प्रदर्शन और नारेबाजी की। इस दौरान विष्णु दत्त शर्मा, करुणापति सक्सेना, दिनेश राणा, गजेंद्र पाल सिंह, जुल्फिकार हुसैन, इमरान हुसैन, विवेक कुमार, प्रदीप कुमार, अंकुश कुमार, गीता राणा, हरीश कुमार आदि थे। डीएम राकेश कुमार सिंह का कहना है कि लखनऊ में लेखपाल संघ की मुख्य सचिव से वार्ता हो रही है। शासन के जो भी निर्देश होंगे उनके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।