रमजान माह में लोगों को गंदगी का सामना करना पड़ सकता है। सफाई मजदूर संघ ने एक जून से शहर की सफाई व्यवस्था ठप करने का एलान किया है। संघ का अस्थायी कर्मचारियों को 15 हजार रुपये मासिक वेतन देने की मांग को लेकर निगम अफसरों से टकराव चल रहा है।
नगर निगम में अस्थायी कर्मचारियों को सात हजार से साढ़े सात हजार रुपये मासिक वेतन मिल रहा है। जनवरी में बोर्ड बैठक में इनको नौ हजार रुपये करने की मांग पार्षदों ने उठाई थी, लेकिन उसको स्वीकार नहीं किया गया। अब कर्मचारियों ने 15 हजार रुपये के वेतन की मांग रख दी है। इसको लेकर निगम की बोर्ड बैठक में पिछले सप्ताह जोरदार हंगामा हुआ था। आक्रोशित कर्मचारियों ने नगर आयुक्त और महापौर का घेराव कर 15 हजार रुपये मासिक वेतन देने की बात लिखवा ली थी। इसके लिए 30 मई तक का समय अफसरों को दिया गया था। नगर निगम की आर्थिक हालत ऐसी नहीं है कि अस्थायी कर्मचारियों को 15 हजार रुपये का मासिक वेतनमान दिया जा सके।
वहीं दूसरी ओर सफाई कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष ओमीलाल ने आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया है। कहा 30 मई तक 15 हजार रुपये वेतनमान का एलान न होने और मई का वेतन 15 हजार रुपये न दिए जाने पर एक जून से सफाई का कार्य ठप कर जाएगा। इससे महानगर में लोगों को गंदगी का सामना करना पड़ेगा और अधिकारियों-कर्मचारियों में टकराव और बढ़ेगा।