उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की टीजीटी-पीजीटी परीक्षा के आवेदन में अभ्यर्थियों की एक गलती उनके कैरियर पर भारी पड़ रही है।
2011 में माध्यमिक विद्यालयों के लिए घोषित टीजीटी-पीजीटी के आवेदन में आवेदकों ने छोटी-छोटी गलती करके अपने को प्रतियोगी परीक्षा की दौड़ से बाहर कर लिया है।
आवेदन पत्रों की प्रारंभिक जांच में लगभग दो हजार अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त हो गए हैं। जिन परीक्षार्थियों के आवेदन निरस्त हुए हैं, उन्होंने अपने फार्म में जन्म तिथि, विषय, पिता, पति के नाम के साथ कई जानकारी आवेदन पत्र में अधूरी छोड़ दी थी।
बोर्ड ने ऐसे अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त करने के साथ ही वैध परीक्षार्थियों के आवेदन की जानकारी वेबसाइट पर डाल दी है।
बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. देवकी नंदन शर्मा ने बताया कि आवेदन पत्रों की स्क्रीनिंग में पूरी सावधानी बरती गई है। मूल जानकारी के अभाव में ही आवेदन निरस्त किया गया है।