रामनारायण, कुलसचिव, मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय।
मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय से संबद्ध उन लॉ कॉलेजों, जहां एलएलबी पाठ्यक्रम चल रहे हैं, के मानकों की जांच की जाएगी। इसके लिए बार काउंसिल की ओर से प्रदेश के सभी लॉ कॉलेजों के मानकों की जांच के आदेश दिए गए हैं। मिर्जापुर और सोनभद्र के लॉ कॉलेजों की जांच की जिम्मेदारी मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय को सौंपी गई है। मिर्जापुर और सोनभद्र में 18 लॉ कॉलेज हैं। इसमें सोनभद्र का लॉ कॉलेज अनुदानित है। बाकी लॉ कॉलेज निजी हैं। विवि अब यह जांच करेगा कि कॉलेजों में कक्षा, छात्र-शिक्षक अनुपात और बार काउंसिल की गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है या नहीं। इसकी रिपोर्ट सौंपी जाएगी। जांच में यदि कोई कॉलेज मानकों के विपरीत पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक वाद दायर किया गया था, इसमें लॉ कॉलेजों की ओर से मानकों का पालन न करने की बात कही गई थी। इसके बाद कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को कॉलेजों की जांच के लिए कहा था। बार काउंसिल की ओर से सभी विवि के कुलपतियों को पत्र लिखा गया है।
कुलसचिव राम नारायण बनाए गए नोडल अधिकारी
विश्वविद्यालय की कुलपति की ओर से कुलसचिव राम नारायण को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके नेतृत्व में सभी लॉ कॉलेजों के मानकों की जांच की जाएगी कि बार काउंसिल के सभी मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।