मड़िहान क्षेत्र के शिष्टाकला महुवारी गांव में शुक्रवार की दोपहर एक बाघ के आ जाने से हड़कंप मच गया। ग्रामीण लाठी आदि लेकर उसे भगाने पहुंचे तो उसने हमला बोल दिया। उसके हमले में सेवालाल (58) घायल हो गए। बाद में बाघ फिर अरहर के खेत में घुस गया। वन विभाग के अधिकारियों ने फोर्स के साथ मौके पर पहुंच कर मुआयना किया। रेंजर ने पदचिह्न और जानवर को देखकर देखकर उसके बाघ होने की पुष्टि की। इससे ग्रामीणों में भय व्याप्त हैं।
शुक्रवार की दोपहर शिष्टा कला गांव के प्राथमिक विद्यालय के कुछ बच्चों ने स्कूल के बाहर अरहर के खेत में बाघ को देखा तो शिक्षक साकेत बिहारी पांडेय को इसकी सूचना दी। शिक्षक भी उनके साथ वहां गए और बाघ को देखा तो ग्रामीणों को इसके बारे में बताया। बच्चों को तत्काल घर भेजा। इसके बाद लाठी-डंडे से लैस होकर ग्रामीण खेत के पास पहुंचे। तभी बाघ ने ग्राम प्रधान बच्चेलाल के चाचा सेवालाल (58) पर हमला बोल दिया और उनके चेहरा नोच लिया।
ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ फिर खेतों में घुस गया। लोगों की सूचना सीओ मड़िहान केपी सिंह, पड़री के रेंजर आशु पाठक व मड़िहान के रेंजर आरसी पाठक, विंढमफाल के आरपी यादव दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए।