मिर्जापुर। निर्माणाधीन मेडिकल कालेज की छत से रविवार की भोर में छत से गिरकर अधेड़ मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। मेडिकल कालेज में पूर्व में भी हादसे हो चुके हैं। दो दिन पूर्व ही मेडिकल कालेज में मजदूरों के बीच मारपीट हुई थी।
मेडिकल कॉलेज का निर्माण नोएडा की कसाना बिल्डर्स कंपनी कर रही है। कंपनी को गाजीपुर निवासी एक ठेकेदार मजदूर मुहैया कराता है। गाजीपुर निवासी ठेकेदार रामश्रे वाराणसी से शनिवार को 15 मजदूरों को कार्य के लिए लेकर आया था। वाराणसी जिले के जंसा थाना क्षेत्र सपेहटा निवासी 55 वर्षीय राय बहादुर राजभर शनिवार की सुबह निर्माणाधीन बिल्डिंग की छत से नीचे गिर गया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में उसे मंडलीय अस्पताल लाया गया। जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। उसके साथ काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि कंपनी की ओर से कोई सेफ्टी किट नहीं दी गई थी। इस कारण काम करते समय छत से गिरने पर हादसा हुआ। वहीं गाजीपुर निवासी ठेकेदार रामाश्रय का कहना है कि सोने के लिए कमरा दिया गया था, पर मजदूरों पर छत पर ही सो रहा था। इस कारण नींद में नीचे गिरने से घायल हो गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज में पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं। हाल ही में सांसद ने निर्माण में खामी की की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। दो दिन पूर्व मजदूरों में मारपीट भी हुई थी। जिसके बाद कई मजदूर काम छोड़कर चले गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मजदूर को दो पुत्र हैं। उसकी मौत से परिवार के पालन पोषण की समस्या उत्पन्न हो गई है। परिजनों ने मुआवजा दिए जाने की मांग किया।
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मारपीट के बाद चले गए थे मजदूर
दन मेडिकल कालेज में मारपीट के बाद वाराणसी के जंसा थाने से आए मजदूरों काम छोड़कर वापस चले गए। उन्हीं के स्थान पर काम करने के लिए शनिवार को 15 मजदूर आए थे। उसी में एक की गिरने से मौत हो गई।
सेल्फी किट के नाम पर होता है खेल
मिर्जापुर। सेल्फी किट के नाम पर कंस्ट्रक्शन कंपनियां खेल करती हैं। सेल्फी किट के नाम पर मिलने वाले पैसे को कंपनियां हजम कर जाती हैं। जबकि मजदूरों को जान हथेली पर रखकर ऊंचाई पर चढ़कर काम करना पड़ता है। मेडिकल कालेज के मजदूरों का आरोप है कि उन्हें कोई सेफ्टी किट नहीं दिया जाता। ऊंची बिल्डिंग पर काम करने के लिए चढ़ा दिया जाता है। हेलमेट व अन्य कोई सेफ्टी किट नहीं दिया जाता। गाजीपुर के ठेकेदार रामश्रे ने बताया कि शनिवार को मजदूरों को आने पर हैंड गल्ब्स उपलब्ध कराया गया था। अन्य सेफ्टी किट पर उपलब्ध कराया जाता है।