शीतलहर को दरकिनार कर पूरे जोश के साथ लोगों ने वर्ष 2017 का स्वागत किया। आधी रात से जो जश्न शुरू हुआ वह रविवार को शाम तक चलता रहा। जश्न मनाने में लोग इस कदर मशगूल रहे कि उन्हें पता ही नहीं चला कि कब सूरज झलक दिखलाकर चला गया। लोग मंदिरों में भी मंगल वर्ष के लिए मन्नत मांगने पहुंचे।
रात के 12 बजते ही आसमान आतिशबाजी की रोशनी से नहा उठा, लोगों के कदम थिरकने लगे, मोबाइल की घंटियां घनघनाने लगीं, बधाइयों का दौर शुरू हो गया। अलसुबह से ही ग्रीटिंग कार्ड, फूलों के गुलदस्तों का आदान-प्रदान शुरू हुा। नगर के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह बच्चे व युवाओं ने हैप्पी न्यू ईयर लिख डाला था। जगह-जगह सजावट की गई थी। घरों में लजीज व्यंजन बनाए गए। फूलों की दूकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ दिखी।
घुरहूपट्टी स्थित कैलाशपुरी कालोनी में नववर्ष की पूर्व संध्या पर बच्चों की नृत्य, खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई। सहभोज हुआ। प्रभाकर उपाध्याय, तूफानी, आरपी सिंह, अज्जू, रजनीश आदि मौजूद रहे। रोटरी क्लब मिर्जापुर गौरव के शरद बंका, अमित आहूजा, रवीश अग्रवाल, अमित सिंह, हिमांशु जायसवाल ने जिगनौरी गांव में गर्म कपड़ों का वितरण किया।
लखनिया दरी, कुशियरा फाल, सिद्धनाथ दरी, विंढम फाल, चूनादरी, अहरौरा व जरगो जलाशय पर सैलानियों की भीड़ उमड़ पड़ी। जल-प्रपाताें व झील-झरनों में स्नान कर बाटी-चोखा का जमकर लुत्फ उठाया। युवा जोड़े थिरकते रहे। देर शाम तक पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भारी भीड़ डटी रही।