रोशन ने बताया कि करीब तीन महीने पहले बेटी सौम्या की पिटाई की गई थी, जिससे उसका पैर टूट गया था। इलाज के बाद बच्ची के पैर पर प्लास्टर चढ़ाया गया था। प्लास्टर कटने के बाद प्रीति बेटी को लेकर अपने मायके चली गई थी और करीब दो महीने से वहीं रह रही थी।
रोशन के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह वह बेटी का अंतिम संस्कार करने बरैनी घाट पहुंचा था। वहां मौजूद ससुराल पक्ष के लोगों से विवाद हो गया और उन्होंने अंतिम संस्कार रोक दिया। पुलिस के पहुंचने के बाद शव की जांच कराई गई। रोशन का दावा है कि बच्ची के शरीर पर चोट के निशान और गले पर खरोंच के निशान थे। उसने पत्नी पर बेटी की हत्या का आरोप लगाया।
सीओ सदर जटाशंकर मिश्रा ने बताया कि बालिका की मौत ननिहाल में हुई है। परिजनों की ओर से गिरने से चोट लगने की बात बताई गई है, जबकि पिता ने हत्या का आरोप लगाया है। अंतिम संस्कार रुकवाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों का पता चलेगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।