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Mirzapur News: डब्ल्यूएचओ की टीम ने की जांच, बेहतर मिली व्यवस्था

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मिर्जापुर। इमरजेंसी सेवा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली के एम्स में दिए गए प्रशिक्षण का कितना असर हुआ, उसका जायजा लेने के लिए शनिवार को देर शाम को डब्ल्यूएचओ की टीम मेडिकल काॅलेज के अधीन मंडलीय अस्पताल पहुंची। जहां टीम ने इमरजेंसी, आईसीयू और ट्रामा सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में व्यवस्था बेहतर पाई गई। टीम ने बताया कि प्रदेश के 35 मेडिकल काॅलेजों में यह दूसरा स्थान है, जहां प्रशिक्षण में बताई गई व्यवस्था मिली।कुछ माह पहले दिल्ली के एम्स में प्रशिक्षण के लिए 35 मेडिकल काॅलेजों से डाॅक्टर व स्टाफ की टीम बुलाई गई थी। जिले से डाॅक्टर और स्टाफ नर्स की टीम एम्स गई थी। वहां इमरजेंसी सेवा को ग्रीन, येलो और रेड जोन में भर्ती कर उपचार संबंधी अन्य व्यवस्था के बारे में बताया गया था। इसी का जायजा लेने के लिए डब्ल्यूएचओ की टीम विनोद भट्ट के नेतृत्व में आई थी।
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टीम ने प्रबंधक अनुज ठाकुर के साथ शनिवार की शाम मंडलीय अस्पताल के इमरजेंसी का निरीक्षण किया। इसके बाद टीम आईसीयू में गई। वहां से ट्रामा सेंटर में पहुंची। ट्रामा सेंटर में रेड, ग्रीन और येलो जोन के हिसाब से उपचार की व्यवस्था का अवलोकन किया। टीम ने ट्रामा सेंटर का ऑपरेशन थियेटर भी देखा। वहां से काउंटर पर जाकर स्टाफ की रोस्टर के अनुसार ड्यूटी आदि की जानकारी ली। बताया गया कि यहां मरीजों की संख्या अधिक है।
डब्ल्यूएचओ के विनोद भट्ट बताया कि दिल्ली एम्स में जो प्रशिक्षण दिया गया था, उस तरह से इलाज किया जा रहा है। प्रदेश के 35 अस्पतालों में मिर्जापुर का मेडिकल काॅलेज दूसरा अस्पताल है, जहां व्यवस्था बेहतर मिली। इसके अलावा सैफई में व्यवस्था बेहतर मिली है। बेहतर व्यवस्था के लिए सरकारी अस्पतालों में मंडलीय अस्पताल ही प्रमाणित मिला। प्रबंधक अनुज ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2018 में प्रमाणित हो गया था।
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