गुरु पूर्णिमा पर विंध्यधाम में दर्शन-पूजन करने के लिए आस्थावानों का तांता लगा रहा।
भोर में मंगला आरती के बाद से ही माता के दरबार में भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया, जो अनवरत चलता रहा। घंटा-घड़ियाल, शंख और माता के जयकारे से पूरा धाम परिसर देवीमय होता रहा।
मंदिर छत पर कतार में बैठे साधक पूजन-अनुष्ठान में मशगूल रहे, वहीं दूसरी ओर मुंडन संस्कार कराने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
विंध्य दरबार में मां के भव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन करने के लिए भक्तों का रेला उमड़ पड़ा।
गंगा स्नान के बाद माला-फूल, चुनरी-नारियल आदि लेकर भक्तजन मंदिर पहुंचे। जहां किसी ने झांकी से तो किसी ने गर्भगृह में जाकर मां के भव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन किया।
दर्शन को लालायित भक्त कतार में खड़े माता का जयकारा लगाते धाम की तरफ बढ़े जा रहे थे। न्यू वीआई रोड और पुरानी वीआईपी रोड के साथ ही पक्काघाट गली में लाइन लगी रही।