चुनार। युवा भीम समिति ऐबकपुर मोहाना के तत्वावधान में मंगलवार रात डॉ. आंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में काव्य गोष्ठी आयोजित हुई। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से बाबा साहब का स्मरण किया। कार्यक्रम में संजय उमंग ने सुनाया, हाथों में जब होगी कलम, भाग्य स्वयं लिख जाएगा।
काव्य गोष्ठी में कवि रामशृंगार आर्य ने सुनाया, आज साथी हैं उदास साथ बाबा का होते, जिसने हमको जगा दिया था सोते-सोते। राजेश मिश्रा ज्योति ने सुनाया, आंबेडकर जयंती में झूम कर मस्ती में, बाबा साहब तुमको है प्रणाम। राजकुमार राजन ने सुनाया, मन में सुंदर एक सपना सजाओ रे, बेटी बचाओ रे तुम बेटी पढ़ाओ रे। माखनलाल झटपट ने सुनाया, दुनिया है धोखेबाज, पीछे से करती घात, भैया संभाल कर रहना।
शीतल गौरव ने सुनाया, दोस्तों के लिए उसके अंदर दिखाई दूंगा। दुश्मनों के लिए बन खंजर दिखाई दूंगा। जय कुमार जय ने सुनाया, मैं भी आइना हूं चमक छोड़ जाऊंगा, अगर टूट भी गया तो खनक छोड़ जाऊंगा। रिजवान बाबू साहिल ने सुनाया, गिरा दो नफरतों की दीवार व अभय कुमार ने सुनाया, संविधान एक किताब नहीं सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरी। संचालन करते हुए विजय नारायण तिवारी रसिक ने सुनाया, झुकाऊं शीश चरणों में तेरे अंबेडकर बाबा, चढ़ाऊं हार फूलों का तुझे अंबेडकर बाबा सुनाया।
मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष मंसूर अहमद व विशिष्ट अतिथि के रूप में एसडीएम चुनार राजेश कुमार वर्मा मौजूद रहे। कार्यक्रम में सुनील कुमार सिंह, शीतला प्रसाद यादव, राम प्रताप यादव, नसीम, शिव पूजन, अख्तर हुसैन सहित अन्य तमाम लोग मौजूद रहे।