मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट में बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी उस समय द्रवित हो उठे जब एक परिवार अपनी व्यथा लेकर पहुंचा। परिवार उज्ज्वला योजना की मांग लिए पहुंचा पर उनकी हालत देख जिलाधिकारी ने उन सभी योजनाओं का लाभ परिवार को देने का निर्देश दिया जिनके वे हकदार हैं। जिलाधिकारी ने मौके पर ही सीडीओ और सीएमओ सहित अन्य अधिकारियों को मौके पर ही बुलाया। साथ ही 50-50 हजार का चेक तीनों बेटियों के नाम से दिया।
हुआ यह कि एक परिवार उज्ज्वला योजना का लाभ देने की फरियाद लेकर कलेक्ट्रेेट पहुंचा। उस समय जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार अपने कक्ष में लोगों की फरियाद सुन रहे थे। इस बीच बीच परिवार से दो पुरुष और एक महिला उनके समक्ष पहुंचे। व्यथा बताई। इस दौरान जिलाधिकारी की नजर उस परिवार के बच्चों पर पड़ी, जो विकलांग हैं और फर्श पर लेटे थे। यह देख जिलाधिकारी द्रवित हो उठे। वे खुद उठकर बच्चों को देखने के लिए पहुंचे। पता चला कि चंद्रगढ़ मुरैल पोस्ट बबुरा कला के रहने वाले राम बाबू की जुड़वा बच्चियां आशिका, ऋषिका बचपन से ही पूर्ण दिव्यांग हैं। वहीं उसके मौसेरे भाई सोनगढ़ा अहुंगी कला निवासी चिंतामणी की बेटी शिवानी जो 17 वर्ष की हो चुकी है और दिव्यांग होने की वजह से पूरी तरह से आश्रित है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद खराब है। मकान कच्चा है, आधार कार्ड नहीं है। यह सुनते ही डीएम ने सीडीओ अविनाश सिंह, एडीएम यूपी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार, सीएमओ डॉ. पीडी गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी उमेश चंद्र सहित कई अधिकारियों को मौके पर बुलाया और परिवार की पात्रता के आधार पर उन्हें संभव सरकारी योजनाओं का लाभ देने का निर्देश दिया। साथ ही 50-50 हजार का चेक तीनों बेटियों के नाम से दिया। विभिन्न योजनाओं के लिए परिवार के सदस्यों के फार्म भी भरवाए गए।