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सुहाग की सलामती के लिए रहीं निराजल

Mon, 09 Oct 2017 12:35 AM IST
mirzapur news
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चांद का दीदार
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मिर्जापुर। सुहाग की सलामती के लिए महिलाएं रविवार को दिन भर निराजल रहीं। शाम को सोलह शृंगार कर चलनी की ओट से चांद को निहारने के बाद पति के हाथ से जल ग्रहण करवाचौथ व्रत का पारण किया। जिनके पति शहर से बाहर थे उन्होंने वीडियो कालिंग पर उनका दीदार किया तब जाकर पानी पीया। उमस और भीषण गर्मी ने व्रतधारी महिलाओं का भरपूर परीक्षा ली।   

करवा चौथ पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भोर में जल ग्रहण करने के बाद सुहागिनों ने व्रत की शुरुआत की। दिन भर भीषण गर्मी और उमस के बावजूद निराजल रहीं। दिन में मेहंदी रचाई।  तमाम महिलाओं ने चावल पीस कर दीवार पर चित्र बनाये तो कुछ ने बाजारों में बिक रहे चित्र का स्टीकर चलाकर काम चला लिया। जगह-जगह समूह में व्रतधारी महिलाएं करवा चौथ की कथा सुनती रहीं। शाम को सोलह शृंगार करके चांद के उगने का इंतजार करती रहीं।  चांद निकलने के बाद छत पर जाकर चलनी को ओर से चांद का दीदार किया।  मिट्टी के बने पात्र करवा में चावल भरकर, फूल, माला, दही, बर्फी, फल शृंगार के सामान आदि चढ़ा कर पूजा-अर्चना की। चांद को अर्ध्य दिया। सुहाग के सलामती की प्रार्थना की। उसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का पारण किया। करवा चौथ का चलन पिछले कुछ वर्षों में इलाके में तेजी से बढ़ा है। पहले यह व्रत शहरी क्षेत्र में ही होता था लेकिन अब ग्रामीण इलाकों में सुहागिनें व्रत रखने लगी हैं। इसकी कई दिनों पहले से ही घरों में तैयारी शुरू हो गई थी।
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नगर के बाजीराव कटरा में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी सुहागिन महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजन किया। इस दौरान महिलाएं एक दूसरे से गले मिलकर उन्हें बधाई भी दी। आज के आधुनिक युग में जिनके पति करवा चौथ के दिन परदेश में रहे, उनकी पत्नियों ने विडियो कालिंग करके उनका चेहरा देख कर व्रत तोड़ा। महिलाओं ने मोबाइल कंपनियों को इस सुविधा के लिए धन्यवाद दिया।
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