नटवां पुल के नीचे जल भराव में से वाहन फंसी को धक्का देकर निकालते नागरिक ।
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मिर्जापुर। जिले में गुरुवार को हुई झमाझम बारिश शुक्रवार की सुबह तक जारी रही। इस दौरान चली आंधी से जहां कई पेड़ उखड़ गए तो वहीं बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। जबकि निचले इलाकों में जलभराव होने और कीचड़ लग जाने से लोग परेशान हुए। हालांकि बारिश से सुहाने हो गए मौसम ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी। बारिश का पानी रेलवे पुल के नीचे लग जाने से आवागमन में दिक्कत हुई। जबकि शास्त्री पुल पर भी जाम लगा रहा। उधर, किसान भी धान की नर्सरी डालने में जुट गए। नगर मे नटवां स्थित रेलवे पुल के नीचे पानी भरने से शास्त्री पुल व नटवां के बीच वाहनो की लंबी कतारे लग गई। पानी निकालने के लिए पंप का सहारा लेना पड़ा। जाम के चलते सुरक्षाकर्मियो को सड़को पर उतरना पड़ा। तीन घंटे बाद तक हुए प्रयास के बाद लोगो को जाम के झाम से निजात मिली। विंध्याचल : , झमाझम हुई बारिश से जगह-जगह हुए जलभराव से लोग परेशान रहे। विंध्याचल क्षेत्र में तीनो रेलवे पुल के नीचे पानी भरा रहा। दूधनाथ चुंगी, पटेंगरा नाला व रेहड़ा पुल के नीचे पानी भरने से लोगों को तीन किलोमीटर का चक्कर लगाकर अपने गंतव्य दिशा की ओर पहुंचना पड़ा। जिगना, पाली व जिगना बारी मे भूमिगत रेलवे पुल के नीचे पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो गया।बहसडा- नीबी गहरवार मार्ग से प्रति दिन दर्जनो गांवों के लोगों का आवागमन बाजार, अस्पताल सहित अन्य स्थानों के लिए होता है। इसी तरह जनपद की पश्चिमी सीमा पर स्थित पाली हरगढ मार्ग से भी एक दर्जन से अधिक गांव के लोगों तथा प्रयागराज जनपद के गांवों का भी प्रति दिन आवागमन होता है। पुल मे पानी भर जाने से लोगों को काफी दूरी का चक्कर लगाना पडता है। ग्राम प्रधान बिहसड़ाकला बलराम उर्फ पप्पू जायसवाल, बघेड़ाकला विजय पांडेय, पंकज सिंह, प्रेम बहादुर सिंह, संतोष सिंह रविशंकर यादव, महेंद्र कुमार तिवारी, कलेंदर तिवारी, जगत नारायण, रामबाबू, रामबचन, बेचन उपाध्याय, केशराज सिंह आदि ने रेल प्रशासन का ध्यान इसश समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। हलिया : थाना क्षेत्र के नदना गांव में गुरुवार की रात तेज गरज चमक के साथ कड़की आकाशीय बिजली से घर के अंदर सो रहे रामसागर 38 अचेत हो गया। परिजन आनन- फानन में उपचार के लिए प्राथमिक स्वासज्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। इसी तरह प्रसाद कोल के घर से सौ मीटर की दूरी पर खूंटे में बंधे तीनज बैलों की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौके पर मौत हो गई। आकाशीय बिजली की चपेट में आने खपड़ैल की दिवार फट गई। बारिश के चलते कई स्थानों पर जर्जर कच्चे मकान जमीदोंज हो गए। ग्रामीण खपड़ैलो की छवाई में जुटे हुए थे कि अचानक पूरी रात हुए भारी बारिश के चलते कई मकानों के अंदर पानी घुस गया। सोनगढ़ा गांव निवासी अमृत लाल का कच्चा मकान गिर गया। रतेहचौराहा आर के इलेक्ट्रॉनिक दुकान में पानी भरने से तीन लाख की क्षति बताई गई। कूलर, पंखा, सोलर प्लेट, फ्रिज, टीवी और अन्य सामान पानी से भीग गए। अहरौरा : शुक्रवार की भोर में झमाझम हुई बारिश के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 33 केवीए का इंसुलेटर रोशनहर गांव के पास डैमेज हो गया। जिसके चलते अहरौरा विद्युत सब स्टेशन से चारो फीडर की आपूर्ति बाधित हो गई। पोल पर डैमेज इंसुलेटर को बदलने में विद्युत विभाग के कर्मचारियों को सात घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। तब जाकर किसी तरह दोपहर तक आपूर्ति बहाल हो पाईं है। आपूर्ति चालू होने से लोगो ने राहत की सांस ली। क्षेत्र में लगातार हो रही लोकल फाल्ट के चलते अघोषित विद्युत कटौती से जनता त्रस्त हो गई है। फाल्ट को ढूंढने और उसे बनाने में विद्युत विभाग के कर्मचारियों को काफी समय लग रहा है। जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता मनीष झां ने बताया कि आकाशीय बिजली की चपेट में आने से रोशनहर गांव के पास 33केवीए का इंसुलेटर डैमेज हो गया। जिसे विभागीय कर्मचारियों के अथक प्रयास से विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है।