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खुले में रखे गेहूं के बोरों पर मौसम का कहर

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जिले के गेहूं क्रय केंद्रों पर उचित व्यवस्था न होने से बिकने के लिए आए गेहूं पर मौसम का कहर टूट रहा है। कई जगहों पर तो बिना तिरपाल के ही गेहूं लदे ट्रैक्टर खड़ रहे तो कई जगहों पर किसानों ने तिरपाल लगा दिया। जमालपुर, हलिया, चुनार और मड़िहान में व्यवस्था नाकाफी रही। जंगीरोड स्थित गेहूं क्रय केंद्र पर खरीद के बाद गेहूं को टीन शेड में फिलहाल रखवा दिया गया है। दो दिन के अवकाश के कारण कोई किसान नहीं आया लेकिन सोमवार को किसान का गेहूं शेड में ही रखवाया गया। केंद्र प्रभारी विशाल आनंद अंबेडकर ने बताया कि सोमवार को दो-तीन किसान आए थे। जब बारिश रुकी तो गेहूं की खरीद कराकर उसे गोदाम में रखवा दिया गया। हलिया क्षेत्र में सोमवार को हुई झमाझम बारिश से क्रय केंद्रों पर बेचने के लिए ट्राली ट्रैक्टर में रखा गया गेहूं भीगता देख किसानों ने त्रिपाल के सहारे ढांक दिया है। इससे आंशिक नुकसान हुआ। तौल का समय एक दिन बचा है, जिसके कारण किसानों की मुसीबत बढ़ गई है। भटवारी क्रय केंद्र पर रविवार, सोमवार को दो दिन से तौल नहीं हो सका दर्जनों किसान समिति में डेरा डाले हुए हैं। 15 जून को सरकार के आदेश अनुसार क्रय केंद्र बंद कर दिए जाएंगे। वहीं, गेहूं बेचने के लिए लगभग एक सप्ताह से क्रय केंद्र पर किसान अपना गेहूं ट्राली ट्रैक्टर में भरकर बेचने के लिए इंतजार कर रहे हैं। मवई कला विपणन केंद्र पर भी किसानों की कतारें लगी हुई हैं लेकिन लोगों का कहना है कि क्रय केंद्र प्रभारी के न आने से किसानों की खरीद प्रभावित है। भटवारी दिघिया क्रय केंद्र पर बरसात तथा बोरे के अभाव में गेहूं तौल बाधित हो गया। इसके कारण किसान परेशान है। धान की बुआई का समय आ गया है उसके लिए खाद बीज हेतु पैसे की जरूरत है। क्रय केंद्र पर गेहूं तौल न होने से किसान ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
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