नगर में कई दशक पुरानी पाइप लाइन से जलापूर्ति की व्यवस्था के कारण प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है। नगर के कई इलाकों में इन दिनों दूषित जलापूर्ति का आरोप लगाया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि दशकों पुरानी जलापूर्ति की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके चलते कई इलाकों में लोगों के घरों में दूषित जल की आपूर्ति हो रही है।
नगर पालिका क्षेत्र के 25,750 घरों में पेयजल के कनेक्शन हैं। इन घरों में जलापूर्ति के लिए करीब 203 किलोमीटर जलापूर्ति की पाइप लाइन डाली गई है। लगभग 50 वर्ष से जलापूर्ति की इस पाइप लाइन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके चलते यह आशंका जताई जा रही है कि कई जगह पाइप लाइन अंदर ही अंदर क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे बसहीं, पुरी कटरा, बाजीराव कटरा, स्टेशन रोड, कजरहवा पोखरा, वासलीगंज व घंटाघर वार्ड के कुछ हिस्सों में अक्सर पानी के साथ गंदगी आ जाती है। इससे क्षेत्रीय नागरिक चिंतित हैं। हालांकि नागरिकों का यह भी कहना है कि जब पानी पूरे वेग में आता है तो कुछ देर बार साफ हो जाता है। उनका कहना है कि जलापूर्ति के लिए पांच दशक पहले बिछाई गई पाइप लाइन का सर्वे कराकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। क्षतिग्रस्त पाइप बदल दिए जाने पर समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है।
उधर, पीने के शुद्ध पानी की आपूर्ति के लिए अमृत योजना के तहत नगर के कई इलाकों में नए सिरे से पाइप लाइन बिछाई जा रही है। शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया जा रहा है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी पहुंचाने के लिए नगर के शास्त्री सेतु के पास एक इनटेक वेल बनाया जा रहा है। जहां गंगा से पानी लेकर उसे शोधन के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भेजा जाएगा। यहां से पानी विभिन्न स्थानों पर बने ओवरहेड टैंकों तक भेजा जाएगा। इसके जरिए शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है।
नगर में प्रतिदिन 34 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 150 लीटर मानक की तुलना में नगर पालिका प्रशासन 28 एमएलडी पानी की आपूर्ति कर पा रहा है। अवशेष पानी की आपूर्ति नगर में विभिन्न स्थानों पर लगे मिनी ट्यूबवेल के माध्यम से किए जाने की बात कही जा रही है। नगर में 833 मिनी ट्यूबवेल लगाए गए हैं। इसमें से आठ मिनी ट्यूबवेल रीबोर होने हैं। इसके अलावा नगर के विभिन्न क्षेत्रों में 1864 हैंडपंप लगाकर इसके माध्यम से भी जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है। हालांकि इसमें से वर्तमान में 100 हैंडपंप रीबोर होने हैं। जलकल के अभियंता सुधीर कुमार वर्मा का कहना है कि नगर में इस समय पीने के पानी की कोई समस्या नहीं है। सभी 38 वार्डों में नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में जलापूर्ति की जा रही है। अमृत योजना के तहत अभी कार्य चल रहे हैं। कार्य पूरा होने पर जलापूर्ति व्यवस्था में काफी सुधार हो जाएगा।