मिर्जापुर। नगर पालिका मिर्जापुर में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए पहले चरण का काम पूरा हो गया है। शास्त्री सेतु के पास अमृत योजना के तहत बने इनटेक वेल ने कार्य शुरू कर दिया है। शास्त्री सेतु के पास बने इस संयंत्र ने गंगा से पानी लिफ्ट कर लालडिग्गी स्थित जल शोधन संयंत्र तक पहुंचाना शुरू कर दिया है। अब इस पानी का शोधन हो रहा है।
शोधन के बाद पहले इस पानी को गंगा में बहाया जाएगा। इसके बाद फिर से शोधित पानी की टेेस्टिंग होगी। उसके बाद शुद्ध पाए जाने पर शहरवासियों को जलापूर्ति शुरू की जाएगी। वर्तमान में नगर में लगभग 29000 घरों में जलापूर्ति के लिए कनेक्शन हैं। इन सभी का कनेक्शन नई पाइप लाइन से किया जाएगा। उसके बाद नागरिकों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी। अब तक 9000 लोगों को कनेक्शन जारी किया गया है। अमृत योजना के तहत जलापूर्ति की कुल 193 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत है। इसके तहत 210 किमी जलापूर्ति की पाइप लाइन बिछाई गई है। इसके अलावा पांच ओवरहेड टैंक विंध्याचल (1350 किलोलीटर), आवास विकास कालोनी (2250 किलोलीटर), जान्हवी होटल के पास (2100 किलोलीटर), घूरहूपट्टी (1100 किलोलीटर), मंडी परिषद (1350 किलोलीटर) बनाए गए हैं। इन ओवरहेड टैंक के जरिए जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
नगर पालिका परिषद मिर्जापुर के जलकल अभियंता सुधीर कुमार वर्मा ने बताया कि लालडिग्गी वाले संयंत्र का काम पूरा हो चुका है। इस संयंत्र में पानी भी पहुंच चुका है। उसका शोधन हो रहा है। कार्यदायी संस्था गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के परियोजना प्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि मुख्य संयंत्र मेंं मोटर का कनेक्शन हो गया है। पानी को सफलता पूर्वक गंगा से लिफ्ट कर लालडिग्गी स्थित जल शोधन संयंत्र तक पहुंचा दिया गया है। उसका शोधन किया जा रहा है। जांच करने के बाद पानी की आपूर्ति की जाएगी। इस संयंत्र के पूरी तरह शुरू हो जाने से नगर क्षेत्र में रहने वाली लगभग 400000 आबादी को लाभ मिल सकेगा।
नगर पालिका परिषद के 38 वार्डों में इस समय पेयजल की वास्तविक मांग लगभग 38 एमएलडी है। इस मांग को ध्यान में रखते हुए अमृत योजना के तहत शास्त्री सेतु के पास इनटेक वेल बनाया गया है। इसके चार पंप गंगा से जल लेकर उसको जल शोधन संयंत्र भेजेंगे। वहां से शोधित जल को लालडिग्गी स्थित 60 एमएलडी की क्षमता के जल शोधन संयंत्र में भेजा जाएगा। वहां से अमृत योजना के तहत बने पांच ओवरहेड टैंक के जरिए नगर की लगभग ढाई लाख की आबादी को पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इनटेक वेल से लालडिग्गी के संयंत्र को पाइप लाइन के जरिए जोड़ा भी जा चुका है। साथ ही इस संयंत्र को पूरे नगर में बिछाई गई पाइप लाइन से भी जोड़ दिया गया है। नगर पालिका क्षेत्र के 38 वार्डों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए सर्वे कराया जा रहा है। जल निगम की गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। अब तक 9000 नागरिकों को कनेक्शन भी किया जा चुका है। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने पूर्व में निरीक्षण कर अति शीघ्र जलापूर्ति का निर्देश दिया था।