दर्जनों गांव प्रभावित
इसी तरह मल्लेपुर में कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। पाही पर पानी से घिरे घर से सामान लेने निकले गुलाब सरोज, अनिल, गोपू सरोज सहित कई और लोग फंस गए। ग्रामीणों ने 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी। चील्ह थानाध्यक्ष सीमा सिंह व चेतगंज चौकी इंचार्ज आशुतोष सिंह ने नाव के सहारे ग्रामीणों को बाहर निकाला।
जिगना संवाद के अनुसार छानबे क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने से अकोढ़ी-जोपा संपर्क मार्ग टूट गया है। रेलवे अंडर पास के नीचे करीब छह फीट से ज्यादा पानी भर गया है।
पूर्व ब्लाॅक प्रमुख अवधराज सिंह उर्फ पप्पू सिंह के घर की बाउंड्री के अंदर तीन फीट तक पानी भर गया है। गंगा में पानी बढ़ने से कर्णावती में उफान आ गया है। निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर जाने से विजयपुर मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है। चेहरा, काशीसरपती, गौरा परमानपुर, अकोढ़ी, महड़ौरा, देवरी, बिरोही, अरंगीसरपत्ती, भटेवरा, गाजीपुर, बलापुर, कठवइया, रैपुरी, खम्हरियाकला, गोड़सर व बबुरा आदि गांवों में बोई गई तिल, उरद, मूंग, बाजरा आदि की फसलें पानी में डूब रही हैं।
छनवर में भी पानी भरने लगा है। बाढ़ को देखते हुए क्षेत्र के अकोढ़ी, जोपा, श्रीनिवास धाम में बाढ़ चौकी स्थापित कर राजस्व विभाग के कर्मचारियों के अलावा डाॅक्टर व ब्लॉक के अधिकारी और कर्मचारी मुस्तैद कर दिए गए हैं। गंगा में पानी बढ़ने से हरगढ़, भौरूपुर, साटन पट्टी, गोगांव, मिश्रपुर, बसेवरा, दुगौली, कोठरा मिश्रान, चड़ैचा, असवां, झिललर, बीजर, अर्जुनपुर, आदमपुर, नौगांव, ऊंचडीह, बबुरा आदि गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है।
खेत में बोई फसलें पानी में डूब गईं
चुनार संवाद के अनुसार गंगा के जलस्तर में वृद्धि से टम्मलगंज, जगदीशपुर मुहल्ले का संपर्क नगर पालिका क्षेत्र से टूटा गया है। लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। शाम के समय नाव का परिचालन बंद होने पर बाढ़ प्रभावित लोगों को नगर पालिका क्षेत्र में आने के लिए आठ किमी की लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
इलाज, खान-पान के सामानों की खरीदारी के लिए लोगों को बाजार पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। बाढ़ का पानी गंगा से सटे भौरही, धौरहरा, समसपुर, बहरामगंज, टेकौर, घूमपुर मोहाना, जलालपुर माफी, गांगपुर, बगही, पचेवरा, शिवपुर गांवों में पहुंच गया है।
कैलहट संवाद के अनुसार बाढ़ के चलते लल्ली की मलाई पुल पर आवागमन बंद हो गया है। उधर, जलालपुर नकहरा पुल पर भी पानी भर जाने से रास्ता बंद हो गया है। जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार यही रही तो आने जाने वालों को नाव का सहारा लेना पड़ सकता है। बाढ़ के चलते गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों जलालपुर माफी, चितरहा, केशवपुर, बगही, धरम्मरपुर, गोविंदपुर, रामरायपुर, भवानीपुर, कैलहट, पचेवरा, गांगपुर में खेत में बोई फसलें पानी में डूब गई हैं।
सीखड़ संवाद के अनुसार बाढ़ प्रभावित गांवों का नायब तहसीलदार चुनार गरिमा यादव ने निरीक्षण किया। बाढ़ चौकी पसियाही, डोमनपुर, मैनुद्दीनपुर, खैरा, रामगढ़ कला, सीखड़़, मगरहा, अदलपुरा व पसियाही सहित अन्य क्षेत्रों का भ्रमण कर राहत कार्य में लगे कर्मचारियों को उन्होंने जरूरी निर्देश दिया।
कैबिनेट मंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया भ्रमण।
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बाढ़ प्रभावित इलाकों का कैबिनेट मंत्री ने किया निरीक्षण, सुनी फरियाद
कोन ब्लॉक के हरसिंहपुर मल्लेपुर गांव में रविवार की शाम कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को ग्रामीणों को मोमबत्ती, लंच पैकेट, लाई, चना वितरित किए जाने तथा पशु चिकित्सा अधिकारी को शिविर लगाकर पशुओं के इलाज, चारा आदि की समुचित व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। उन्होंने थाना प्रभारी को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेट्रोलिंग करने को कहा। इस दौरान एसडीएम सदर आशाराम वर्मा, थाना प्रभारी चील्ह सीमा सिंह आदि मौजूद रहे।
गंगा की रेती पर फंसे दर्जनों मवेशी
कछवां के बरैनी गांव के सामने मध्य गंगा में बालू की रेती पर चरने निकले मवेशी पिछले कई दिनों से फंसे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लाॅक से लेकर तहसील प्रशासन तक गुहार लगाई गई, लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया गया है। पिछले साल गंगा में आए बाढ़ के चलते रेती पर चरने निकले मवेशी चारों तरफ पानी से घिर गए थे। कुछ मवेशी पानी में बह भी गए थे। कुछ को स्थानीय नाविकों ने बचा लिया था। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए रेती पर फंसे मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकलवाने की मांग की है।
बाढ़ के चलते मुक्तिधाम में हो रहा अंतिम संस्कार
गंगा के जलस्तर में वृद्धि के चलते घाटों पर अंतिम संस्कार करने के लिए जगह नहीं है। शिवपुर स्थित रामगया घाट पर बने मुक्तिधाम में मृत लोगों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। गंगा घाट के किनारे चारों तरफ कूड़ा व गंदगी है। रात में शव लेकर आने वालों को अंतिम संस्कार करने में असुविधा हो रही है। प्रकाश के लिए हाईमास्ट तो लगाया गया है, लेकिन वह शो पीस बना हुआ है। घाट से लेकर शिवपुर बाजार तक सड़क किनारे जगह-जगह अतिक्रमण के चलते पिंडदान एवं अंतिम संस्कार करने के लिए आने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।