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Mirzapur News: विंध्य कॉरिडोरः भव्य दिखने लगा मां विंध्यवासिनी का दरबार

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मिर्जापुर। विंध्य काॅरिडोर का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके साथ ही मां विंध्यवासिनी का दरबार अब भव्य स्वरूप में नजर आने लगा है। पाथ वे के निर्माण से लेकर अन्य सुविधाओं के लिए चल रहे कार्य समाप्ति की ओर हैं। यहां आने वाले भक्त मंदिर परिसर के मनमोहक स्वरूप को देकर भाव विभोर हो जा रहे हैं। जल्द ही विंध्य काॅरिडोर पूरी तरह से बनकर तैयार होने की उम्मीद है।
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विंध्य काॅरिडोर का निर्माण कार्य जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, मंदिर परिसर की नई व भव्य तस्वीर उभरकर सामने आ रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही निर्माण कार्य पूरा होने पर श्रद्धालुओं को मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन के दौरान पैरों में कंकड़, पत्थर नहीं गड़ेंगे। उधर, मंदिर परिसर में अब लाल पत्थर बिछाए जा रहे हैं। इस कार्य में शनिवार को काफी संख्या में श्रमिक जुटे रहे। उधर, अब दो सौ मीटर दूर से ही विंध्य कॉरिडोर की भव्यता झलकने लगी है। बंगाली तिराहा से मंदिर की ओर बढ़ते ही न्यू वीआईपी व पुराने वीआईपी मार्ग पर दोनों प्रवेश द्वार के निर्माण कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। सिर्फ फिनिशिंग का कार्य बाकी है। इसी तरह पक्काघाट की ओर जाने वाले मार्ग का सुंदरीकरण का कार्य किया जा रहा है। गंगाघाट पर पत्थर बिछाने से लेकर गेट आदि के कार्य भी समाप्ति की ओर हैं। परिक्रमा पथ के ग्राउंड फ्लोर पर ग्रेनाइट पत्थर बिछाने का कार्य भी 68 फीसदी पूरा हो गया है।
परिक्रमा पथ की छत के ऊपर 15 कोने पर शिखर लगने हैं। इनमें से 10 के निर्माण हो गए हैं। परिक्रमा पथ पर खिड़की आदि लगाए जाएंगे। यह कार्य भी एक-दो दिन में शुरू किए जाने की उम्मीद है। इस परियोजना का एक अगस्त 2021 को गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिलान्यास किया था। विंध्य काॅरिडोर परियोजना की लागत 331 करोड़ रुपये है, परंतु परियोजना के विस्तार से इसकी लागत और बढ़ी है। पहले चरण में मंदिर के चारों तरफ 50 फीट का परिक्रमा पथ बनाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मंदिर तक जाने वाले चार रास्तों को भी चौड़ा किया जाएगा। इसके तहत पुरानी वीआईपी गली का विस्तार 40 फीट, न्यू वीआईपी गली का विस्तार 35 फीट, गंगा घाट की तरफ जाने वाले पक्काघाट मार्ग पर दो सौ मीटर तक गली की चौड़ाई 35 फीट की जा रही है।
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परिक्रमा पथ के निर्माण के लिए मकान, दुकान समेत 92 निर्माण और चारों मार्गों को चौड़ा करने के लिए 671 निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं। निर्माण कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। 30 अक्टूबर 2020 को प्रदेश कैबिनेट ने विंध्य कॉरिडोर परियोजना को स्वीकृति दी थी और नवंबर 2020 में अधिग्रहण और इसके दायरे में आने वाले निर्माण ध्वस्त करने के काम शुरू हो गए थे। इस परियोजना की लागत है लगभग 331 करोड़ रुपये है। इस परियोजना का उद्देश्य विंध्याचल मंदिर परिसर का सर्वांगीण विकास, श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा पर्यटन को बढ़ावा देना है। परियोजना में यहां के गंगा तट व विंध्यवासिनी मंदिर से लेकर विंध्य पर्वत तक के क्षेत्र शामिल हैं। विंध्यवासिनी मंदिर के चारों ओर परिक्रमा पथ के निर्माण के अलावा मंदिर तक आने वाले सभी मार्गों को संवारा जाना है। गंगा घाटों के निर्माण कार्य भी परियोजना में शामिल हैं। मां विंध्यवासिनी मंदिर की ओर जाने वाले सदर बाजार मार्ग पर विंध्य कॉरिडोर के तहत प्रवेश प्लाजा का निर्माण कराया जा रहा है। प्रवेश प्लाजा में श्रद्धालुओं के जूता, चप्पल व अन्य सामान रखने के प्रबंध किए जाएंगे। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए यहां शौचालय आदि की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक वीरेंद्र कुमार का कहना है कि विंध्य कॉरिडोर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। दिसंबर 2023 तक इसे पूरा किया जाना है। इंजीनियरों और कुशल कामगारों की बदौलत प्रमुख गेट लगाने से लेकर मंदिर तक पत्थर आदि बिछाने के कार्य 15 सितंबर तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएंगे।
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