मिर्जापुर। नए वर्ष 2021 का आगाज शीतलहर से शुरु हुआ। शुक्रवार को बादलों के बीच खिली धूप शरीर पर जैसे असर ही न कर रहा हो। दिनभर लोग अलाव के आगे बैठे रहे। गलन व ठंड के चलते शाम होते ही अधिकांश सड़कों पर सन्नाटा सा पसर गया। रेलवे-स्टेशन व बस स्टैंड पर यात्रियों की चहल-कदमी पूर्व की अपेक्षा कम दिखी।
दिन में चल रही ठंड हवाएं शरीर में कांटो सरीखे चुभ रहे हैं। ठिठुरन के चलते लोगों का बाइक से चलना मुश्किल हो गया है। अलाव के आगे बैठे लोग जहां उठने का नाम नहीं ले रहे हैं। वही दुकानों, प्रतिष्ठानों में लोग गर्माहट के लिए हीटर समेत ठंड से बचाव के लिए अन्य उपकरणों का सहारा ले रहे है। जहां भी अलाव दिखा लोग कुछ देर रुककर गर्माहट लेते दिखे जा रहे हैं। अलाव के आसपास मंडरा रहे मवेशी भी मौका मिलते ही कुंडली मार आंच के आसपास बैठ जा रहे हैं। तमाम भगाने के बावजूद वे ठस से मस नहीं हो रहे हैं। डीएसटी - महामना जलवायु परिवर्तन केंद्र के समन्वयक एवं ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. आर. के. मल्ल व तकनीकी अधिकारी (युवा मौसम वैज्ञानिक) शिव मंगल सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में आसमान मे बादल छाए रहने संभावना है। बारिश की संभावना नहीं है। कहा अगले 2 दिनों तक शीत लहर, गलन बढ़ने की संभावना है। सुबह और शाम के समय थोड़ी देर के लिए कुहरा भी पड़ सकता है। मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि बादल घिरे रहने की संभावना है, इसलिए न्यूनतम और अधिकतम तापमान में थोड़ी बढ़ोत्तरी हो सकती है। लेकिन ठंडी और गलन सामान्य रूप से जारी रहेगा।
वर्जन
...................
-हवा की गति सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है, इसलिए कुहरा पड़ने की संभावना बहुत कम है। कही-कही सामान्य कुहरा पड़ सकता है। अत: ऐसे मौसम में किसान भाई जरूरत के हिसाब से खड़ी फ़सलो में सिंचाई करें। पशुओं को गरम एवं छायादार स्थान पर ही बांधे। जरूरत पड़ने पर पशु चिकित्सक की सलाह लें। चूंकि इस समय सुबह व रात के तापमान मे गिरावट जारी है। ऐसे मे विद्युत बल्ब मुर्गीघर व पशुशाला को गरम रखने के लिए जलाए।-शिवमंगल सिंह, ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, बीएचयू वाराणसी।