उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि समाज को ऊंच-नीच और भेदभाव से मुक्त करना जरूरी है। प्रयागराज महाकुंभ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां सभी ने एक साथ स्नान किया। किसी ने किसी से ऊंच-नीच नहीं पूछा। यही सामाजिक समरसता हर क्षेत्र में दिखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग के कई लोग आर्थिक कारणों से अपने कौशल को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए वाराणसी के जिलाधिकारी स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से धन के सही उपयोग और वित्तीय प्रशिक्षण शुरू किए हैं ।
राज्यपाल बुधवार को हलिया विकासखंड के मवई कला स्थित पंचशील महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डेढ़ घंटे विलम्ब से पहुंचने के बाद लोगों को संबोधित कर रही थी। वह ग्रीन आर्मी की महिलाओं से संवाद, साइकिल वितरण एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, प्रशस्ति पत्र और स्वच्छता प्रतिष्ठा की चाबी वितरण कार्यक्रम में शामिल हुईं।
उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जिक्र करते हुए कहा कि मेहनत और शिक्षा से कोई भी व्यक्ति बुलंदियों तक पहुंच सकता है।राज्यपाल ने कहा कि बैंक सखी योजना के तहत महिलाओं को वित्तीय प्रबंधन और बैंकिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे वे अपने परिवार और समाज को आर्थिक रूप से सशक्त बना सकें।
उन्होंने लोगों को आगाह किया कि धन के मामलों में सतर्कता जरूरी है क्योंकि कई लोग दोगुना का लालच देकर ठगी करते हैं।गुजरात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां लोग अपनी भूमि और संसाधनों का बेहतर उपयोग कर रहे हैं।
जिससे आर्थिक समृद्धि की नई राह खुल रही है।राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के शुरुआती नौ महीने माता-पिता और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी होते हैं। डिलीवरी हमेशा अस्पताल में करानी चाहिए। जिससे नवजात की सेहत और देखभाल सही ढंग से हो सके। उन्होंने कहा कि टीकाकरण को लेकर लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने बाल मनोविज्ञान समझने और आंगनबाड़ी किट के सही उपयोग पर जोर दिया। जिससे बच्चों को सही पोषण और विकास मिल सके।राज्यपाल ने ग्रीन आर्मी चाचियों की प्रशंसा की जो नशा, दहेज प्रथा, बाल विवाह और घरेलू हिंसा जैसी कुरीतियों के खिलाफ अभियान चला रही हैं।
उन्होंने बताया कि एक महिला ने नशे में लिप्त व्यक्ति को पुलिस के हवाले कर दिया।जिससे वह सुधरकर अब नशा मुक्ति अभियान में सक्रिय हो गया है। राज्यपाल ने कहा कि पहले 50-60 साल तक घर बनाने का सपना अधूरा रहता था लेकिन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजनाओं ने गरीबों को पक्के घर का हक दिलाया है।
अब हर जरूरतमंद को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में 100 में से 80 गोल्ड मेडल लड़कियां और लड़के 20 गोल्ड मेडल पा रहे हैं। उन्होंने पांच उत्कृष्ट प्रधानों व दो ग्राम विकास अधिकारी को पुरस्कृत किया।
विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों मैं दिव्यांग आंगनवाड़ी कृषि व कौशल विकास से संबंधित जानकारी पुरस्कार राज्यपाल ने दी। केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने संचालित योजनाओं के बारे में बताया कि राष्ट्रीय पोषण मिशन गर्भवती महिलाओं किशोरियों के लिए काम कर रहा है।
जननी सुरक्षा, इंद्रधनुष अभियान आदि विभिन्न योजनाएं महिलाओं के लिए चल रही है। लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि यह हमारी सरकार है जो छह टीका के स्थान पर 12टीके लगवा रही है। उन्होंने कहा कि जीवन शैली से जुड़ी बीमारी सबको हो रही है ।
जिसके लिए 100 दिन सघन अभियान चलाकर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुपोषित किसी को नहीं रहना है इसके लिए योजनाएं चल रही है। 2025 तक टीवी मुक्त देश बनाना है।